जैजैपुर
जैजैपुर शराब दुकाने पहले रात में 10 तक खुलती थी लेकिन अब नौ बजे बंद होती हैं। यह शराब के अवैध कारोबारियों के लिए अवसर साबित हो रहा है सी सी कैमरा खराब होने के कारण अवैध कमाई की जरिया बन चुके कारोबार में कम कीमत में शराब की खरीदी कर अधिक दाम में बेचा जा रहा है। ग्रामीणें क्षेत्रों में सप्लाई कर शराब खोरी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
शराब दुकानों में कोरोनाकाल के बाद भी भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रहा हैं। इस भीड़ में ऐसे भी शामिल हैं जिन्होने सरकारी शराब बिक्री को कारोबार बना लिया है। रात के नौ बजे भले ही शराब दुकाने बंद हो जाती हैं लेकिन शराब दुकान में समय सीमा के बाद भी चहल पहल जारी रहती है। देर रात तक यहां शराब आसानी से उपलब्ध होने के कारण लोगों का आना- जाना लगा रहता है। राजस्व आय संग्रहण से वास्ता होने की वजह से आबकारी विभाग का मामले में कोई सरोकार नहीं है।शराब दुकान को उसके हाल पर ही छोड़ दिया गया है। क्योकि अधिकारी कर्मचारियों तक मिलीभगत है ऐसा नही होगा कि अधिकारी को सी सी कैमरा खराब की जानकारी नही होगा जिले की अधिकारी जानकर भी अनजान बने हुए है अनुशासनहीनता की हद यह है कि है कि दुकान के आगे नियम का कोई मापदंड नहीं रखा गया है।
कोचियों का दबदबा बरकरार
शराब की अवैध बिक्री में सरगना सक्रिय है। कोरोबार को वृहत रूप देने के लिए चखना विक्रेताओं को माध्यम बनाया जा रहा है। शराब दुकानों में ठेका नियम भले ही बंद हो चुके हैं लेकिन सरकारी दुकानों को वही कोचियों की हिसाब से चलने की आरोप लग रहा है ।नगरीय क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में चलने वाले गुमटी ठेले और अन्य दुकानों में थोक में सरकारी दुकानों से आपूर्ति कराई जा रही है। यही वजह है कि दुकानें कम होने के बाद भी शराबखोरी और अपराधिक प्रवृत्ति में कोई कमी नहीं आई है।
दुकानों के सामने फैल रही गंदगी
शराब दुकानों के सामने गंदगी की भरमार है। प्लास्टिक डिस्पोजल और पानी पाऊच के कचरे परिसर के आसपास फैल रहे हैं। शराब दुकान के आसपास सड़क किनारे बैठकर पीने वालों को आसानी से देखा जा सकता है। यहां वहां बैठकर शराबखोरी किए जाने प्लास्टिक कचरे पर नियंत्रण नहीं है। शराब के कार्टून बिक्री से जिला आबकारी विभाग प्रतिमाह 20 से 30 हजार रुपए मिलता है। इसके बाद भी स्वच्छता की अनदेखी जा रही है। पूरे मामले में आबकारी निरीक्षक प्रजापति से उनके मोबाइल का संपर्क किया गया लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।