कोरोना वायरस से निजात पाने के लिए दुनियाभर में इसका टीका बनाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है. भारत में भी कोरोना महामारी से निपटने के लिए अबतक कम से कम आठ टीकों पर काम चल रहा है और उम्मीद है कि इनमें से तीन से चार टीके जल्द उपलब्ध हो जाएंगे. इसके टीकाकरण के लिए सरकार की तरफ से तैयारी पूरी कर ली गई है. केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए कोरोना वायरस के टीकाकरण अभियान को लेकर दिशानिर्देश जारी किए हैं.
कोरोना वायरस के लिए दिए जाने वाले टीके के बारे में बताया गया है कि किसको, कबऔर कैसे कोरोना वैक्सीन दी जाएगी. इस गाइडलाइन के तहत टीकाकरण के लिए बनाए गए हर केंद्र पर रोज एक सत्र में 100-200 लोगों को टीके लगाए जाएंगे और 30 मिनट तक उन्हें निगरानी में भी रखा जाएगा.
टीकाकरण के लिए पहले से ही रजिस्ट्रेशन कराना होगा, मौके पर रजिस्ट्रेशन कराने की कोई व्यवस्था नहीं होगी. रजिस्ट्रेशन के लिए मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, पेंशन के दस्तावेज समेत 12 दस्तावेजों में से कोई एक जरूरी होगा.
पहले चरण में 30 करोड़ लोगों को लगाया जाएगा टीका, जानिए जरूरी बातें…
-को-विन वेबसाइट पर स्व पंजीकरण कराना जरूरी होगा.
-कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (को-विन) प्रणाली एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, टीकाकरण के लिए सूचीबद्ध लाभार्थियों का पता लगाने में किया जाएगा.
-प्रति दिन हर सत्र के दौरान लगभग 100 से 200 लोगों को टीका लगाया जाएगा.
-वैक्सीन लगाने के बाद संबंधित व्यक्ति की 30 मिनट तक निगरानी की जाएगी.
-टीकाकरण टीम में कुल पांच सदस्य शामिल होंगे.
-पहले चरण में 50 साल और इससे अधिक उम्र के 26.5 करोड़ लोगों को दिया जाएगा टीका.
50 साल या उससे ज्यादा उम्र के व्यक्ति को चिन्हित करने के लिए नए मतदाता सूची का इस्तेमाल किया जाएगा.
-इसमें डॉक्टर, नर्स और अग्रिम मोर्चे पर डटे एक करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों को प्राथमिकता.
-गंभीर रोगों से ग्रस्त 50 साल से कम उम्र के 2.5 करोड़ लोगों को टीका दिया जाएगा.