राजस्थान का शिक्षा दल छत्तीसगढ़ की विजयी परियोजना से हुआ प्रभावित

रायपुर : छत्तीसगढ़ में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए किए जा रहे नवाचारों से राजस्थान से शिक्षा विभाग के आए चार सदस्यीय अध्ययन दल काफी प्रभावित हुआ है। इस अध्ययन दल ने अपने छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के दौरान बेमेतरा, राजनांदगांव और रायपुर जिले की शालाओं और छात्रावासों का अवलोकन किया। वहां छात्र-छात्राओं से चर्चा की तथा शिक्षकों, अधीक्षकों और अधिकारियों से शिक्षा के नवाचचारों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। राजस्थान बालिका शिक्षा एवं समग्र शिक्षा विभाग की उपायुक्त श्रीमती स्नेहलता हारित ने बताया कि वे लोग छत्तीसगढ़ में संचालित परियोजना विजय से काफी प्रभावित हैं। यह परियोजना राजस्थान में भी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
राजस्थान के शैक्षिक दल ने तीन दिनों के शैक्षिक भ्रमण में बेमेतरा, राजनांदगांव एवं रायपुर जिले की शालाओं एवं छात्रावासों में पठन कौशल के विकास एवं बालिकाओं में जीवन कौशल विकास के लिए रूम टू रीड के साथ मिलकर चलायी जा रही परियोजाना विजयी की सराहना की। यह दल इन कार्यक्रमों को अपने राज्य में भी चलाए जाने के संबंध में जमीनी स्तर की जानकारी लेने आया था।
राजस्थान शिक्षा विभाग से तीन सदस्य उपायुक्त बालिका शिक्षा श्रीमती स्नेहलता हारित, उपनिदेशक औपचारिक शिक्षा श्री राजेश कुमार और सहायक निदेशक एवं रूम टू रीड राज्य कार्यालय डॉ सुनीता चौधरी द्वारा कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय बेमेतरा का भ्रमण किया गया जहाँ पर अधीक्षिका, सुषमा शर्मा के द्वारा कक्षा आठवीं की बालिकाओं के साथ सत्र लिया गया। जिला मिशन समन्वयक श्री कमोद ठाकुर,सहायक कार्यक्रम समन्वयक श्री के.एन.शर्मा और शिक्षिकाओं से सत्र के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके अतिरिक्त कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय नवागढ़ में भ्रमण किया गया जहाँ पर अधीक्षिकाओं एवं शिक्षिकाओं से परियोजना विजयी के अनुभव पूछे और बालिकाओं से चर्चा की।
समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कक्षा छठवीं से आठवीं में संचालित जीवन कौशल आधारित शिक्षण के माध्यम से आ रहे बदलाव को उन्हांेने प्रत्यक्ष महसूस किया। पठन कौशल के विकास के लिए संचालित कार्यक्रम और उसके साथ मुस्कान पुस्तकालय के माध्यम से बच्चों को पढ़ने में रूचि विकसित करने के लिए शासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों का कक्षा में अवलोकन किया। दल ने बच्चों के पढ़ने की गति एवं समझ की सराहना की।
शैक्षिक भ्रमण दल के सदस्यों ने आज अंतिम दिन समग्र शिक्षा के संचालक श्री दयानन्द से मुलाकात की। उन्होंने दोनों राज्य में समग्र शिक्षा के गठन, संरचना एवं कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा में किये जा रहे प्रयासों एवं विभिन्न योजनाओं को साझा किया। राजस्थान दल के सदस्यों ने बताया कि भ्रमण के पहले उनके मन में राज्य के बारे में आदिवासी एवं नक्सल प्रभावित राज्य की एक अलग सी छवि बनी थी, परन्तु यहाँ की शालाओं को देखने के बाद उनकी इस मानसिकता में व्यापक परिवर्तन हुआ। उन्होंने बताया कि राज्य में चल रही योजनाओं से शीघ्र ही गुणवत्ता में आशातीत सुधार दिखाई देगा।
श्री दयानंद द्वारा राज्य में बालिकाओं में बढ़ रहे आत्मविश्वास के संबंध में स्वयं के कुछ अनुभव बताए। आदिम जाति कल्याण विभाग एवं रूम टू रीड के सहयोग से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा  राज्य के 93 कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय, 28 पोटा केबिन, 53 आश्रम शाला और 5 अन्य आवासीय संस्थानों के साथ में परियोजना विजयी का क्रियान्वयन जुलाई 2018 से किया जा रहा हैं। इस परियोजना के अंतर्गत कक्षा छटवीं से आठवीं के बच्चों के साथ रूम टू रीड के द्वारा प्रशिक्षित शिक्षिकाओं और अधीक्षिकाओं द्वारा बच्चों के साथ विभिन्न जीवन कौशल के विषय पर चर्चा की जाती है। राज्य की 179 संस्थानों में कक्षा छठवीं से आठवीं की लगभग 16 हजार बालिकाएं इससे लाभान्वित हो रही हैं, जिसका उद्देश्य है की “बालिकाएं अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें, रोजगार से जुड़े मूलभूत कौशल प्राप्त कर सकें और जीवन के जरूरी निर्णय, पूरी समझ व जानकारी के साथ ले सकें और एक सफल व विजयी जीवन का मार्ग प्रशस्त करें”।
राजस्थान शिक्षा विभाग के तीनों सदस्यों द्वारा रायपुर के पी.जी.उमाठे कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का भ्रमण किया गया जहाँ पर कक्षा आठवीं के बच्चों के साथ“ मैं नेतृत्व कर सकती हूँ” सत्र का अवलोकन किया गया एवं बच्चों व शिक्षिकाओं से बातचीत की गयी। इसके पश्चात राजस्थान शिक्षा विभाग के सदस्यों ने मिशन संचालक समग्र शिक्षा से भेंट की एवं बेमेतरा जिले के कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय एवं रायपुर जिले के स्कूल भ्रमण का अनुभव साझा किया। भ्रमण दल की सदस्य श्रीमती स्नेहलता हारित, उपायुक्त बालिका शिक्षा एवं समग्र शिक्षा ने कहा की परियोजना विजयी से जो सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है उसे हम अपने राज्य में भी जाकर प्रारंभ करेंगे। मिशन संचालक समग्र शिक्षा पी. दयानंदजी ने उनके द्वारा राज्य स्तर पर किये जा रहे नवाचारों जैसे परियोजना विजयी एवं विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी और यह भी साझा किया गया की प्रदेश की सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए तत्पर होकर गैर सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रही हैं, जिससे बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए।

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