छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में भूस्खलन, इतने घर तबाह, पेड़ों की कटाई और खदानों ने बढ़ाई मुसीबत

सरगुजा। देशभर के कई इलाकों में इन दिनों मूसलाधार बारिश ने कहर मचा रखा है. जगह-जगह से मानसूनी आफत की तस्वीरें सामने आ रहीं हैं. बेहिसाब बरसात ने देश के कई राज्यों में कोहराम मचा दिया है. कई जगहों से ऐसी-ऐसी तस्वीरें सामने आ रहीं हैं कि होश उड़ जाएं. इसी बीच छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में भूस्खलन की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसने इलाके को दहशत में डाल दिया है.

छत्तीसगढ़ के मैनपाट में भूस्खलन

दरअसल, ये तस्वीरें छत्तीसगढ़ के शिमला  कहे जाने वाले मैनपाट की हैं. जहां से भूस्खलन की खबरें हैं. इस भूस्खलन में तीन घर तबाह हो गए हैं. भूस्खलन की वजह से मैनपाट केउल्त्तापनी  क्षेत्र में दरारें पड़ी हैं. दरार की वजह से कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं.

मिली जानकारी के मुताबिक भूस्खलन के कारण मैनपाट क्षेत्र के खेतों में 100 मीटर से भी ज्यादा की दरारें पड़ी हैं, जिसे देखकर इलाका सहमा हुआ है. इसके पहले भी पिछले साल बारिश में भूस्खलन से सड़क जाम हुआ था.  बावजूद इसके जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा सबके सामने है.

मौसम विज्ञानी एएम भट्ट ने इस भूस्खलन को लेकर कहा कि भूस्खलन का कारण अत्यधिक बारिश, जंगलों की कटाई और मैनपाट क्षेत्र में मौजूद खदान हैं, जिससे इलाके में दलदली क्षेत्र एक बड़ा आकार लेता जा रहा है, जिससे भूस्खलन जैसी स्थिति निर्मित हो रही है. इन सबके बीच कारण चाहे जो भी हो जल्द ही मैनपाट के वातावरण पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भूस्खलन आगे आने वाले समय में विकराल रूप ले सकता है.

इन दिनों से लेकर, झारखंड, ओडिशा और बंगाल तक, बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने कहर मचाया हुआ है. ज़बरदस्त आर्थिक नुकसान के अलावा लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है. चंबा के तिस्सा में देखते ही देखते बड़ी-बड़ी चट्टानें गिरने लगीं. सिरमौर से लेकर मंडी और लाहौल स्पीति तक, हाल बेहाल है. बंगाल का हाल भी भयानक है.

बता दें कि कुछ दिनों हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में भू-स्खलन के कारण एक बड़ा हादसा देखने को मिला था. भू-स्खलन के चलते पहाड़ से बड़ी-बड़ी चट्टानें गिरीं, जिसके कारण वैली ब्रिज टूट गया था. वहीं इस हादसे में 9 पर्यटकों की मौत हो गई थी, जिसमें छत्तीसगढ़ के युवक शामिल थे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *