बाजार में खरीदारी करने गए और भारी बैग उठाना पड़ा। तेज गति से सीढ़ियां चढ़े तथा कपड़े धोने जैसे काम से अकसर हमारी सांस फूल जाती हैं। अगर ऐसा है, तो ये आपके लिए अच्छी बात हो सकती है। एक स्टडी में पाया गया है कि ऐसी गतिविधियां कैंसर के जोखिम को कम करने में कारगार हो सकती हैं। द कन्वर्सेशन जर्नल में प्रकाशित स्टडी में दावा किया गया है कि रोजाना चार से पांच मिनट तक की गई इन गतिविधियों से 20% से 21% तक कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।
स्टडी में पाया गया कि प्रत्येक दिन कम से कम साढ़े तीन मिनट तक शरीर पर जोर लगने वाले काम करने से कैंसर का जोखिम 17-18% तक कम हुआ। फेफड़े और स्तन कैंसर के मामलों में तो खतरा 30% से 32% तक कम होने का अनुमान है। 22 हजार लोगों पर स्टडी हुई यह स्टडी 22,000 लोगों पर की गई। इसके लिए शोधकतार्ओं ने ब्रिटेन के हेल्थ डेटाबेस से डेटा का विश्लेषण किया। इसमें 2 हजार से ज्यादा ऐसे लोगों को शामिल किया गया, जिन्हें पहले कभी कैंसर नहीं हुआ था और न ही वे किसी शारीरिक गतिविधि में शामिल थे। इसमें 55% महिलाएं शामिल थीं जिनकी औसतन आयु 62 साल थी। स्टडी से यह जानकारी भी मिली कि कुल संख्या में 96% लोग ऐसे थे, जो केवल साढ़े दो मिनट तक ही ऐसे कार्य कर रहे थे। 92% लोगों ने इन गतिविधियों में दो मिनट से भी कम का समय दिया। स्टडी के सह-लेखक एम्मानुएल स्टेमटकिस ने कहा कि यह गतिविधियां उन लोगों के लिए सबसे फायदेमंद है, जिन्हें जिम में जाना या व्यायाम पसंद नहीं है।
शारीरिक गतिविधि कसरत नहीं करने से बेहतर है स्वीडन के करोलिंस्का इंस्टीट्यूट में कैंसर विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर लिंडा एस. लिंडस्ट्रॉम ने कहा कि ज्यादातर लोगों को रेगुलर एक्सरसाइज करने से फायदा होगा। यह अध्ययन दिखाता है कि कोई भी शारीरिक गतिविधि किसी भी तरह की कसरत नहीं करने से तो बेहतर है। यानी घरेलू काम या बच्चों के साथ कभी-कभी खेलना नियमित व्यायाम से होने वाले फायदों की जगह नहीं ले सकती है। द कन्वर्सेशन के लेखकों के मुताबिक, साढ़े चार मिनट की गतिविधि रोजाना 150 से 300 मिनट की गई शारीरिक कसरत के मुकाबले में बहुत कम है।