बिलासपुर 27 जून 2020
ग्रामीण क्षेत्रों मंे नरवा, गरवा, घुरूवा, बारी योजना के तहत बनाये गये गौठानों में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट खाद की डिमांड दिनोंदिन बढ़ रही है। वन एवं उद्यानिकी विभाग की नर्सरियों में इसका उपयोग हो रहा है साथ ही किसान भी अपने खेतों में वर्मी खाद का उपयोग कर रहे है। यही नहीं खाद बनाने वाली नर्मदा फाॅस्फेट लिमिटेड कम्पनी द्वारा भी प्रोम खाद बनाने के लिए गौठानों के वर्मी खाद का उपयोग किया जा रहा है।
उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले के 58 गौठानों में महिला स्व सहायता समूहों द्वारा गोबर से वर्मी खाद बनाने का कार्य किया जा रहा है इस कार्य में लगभग 700 महिलायें जुटी हुई हैै। उनके द्वारा अभी तक 88 टन खाद का उत्पादन किया गया है जिसमें 38 टन का विक्रय भी उन्होनें कर लिया है। खाद कम्पनी नर्मदा सुपर फास्फेट लिमिटेड हरदी द्वारा 72 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम पौसरी,हथनी,घोघरा,बरपाली,टेकर के गोठानों से खरीदा गया है।महिला समूहों से 9 रूपए प्रति किलों की दर से 64 हजार रूपए का खाद कम्पनी द्वारा खरीदा गया और उनके खाते में राषि का भुगतान भी कर दिया गया है। कम्पनी द्वारा प्रति वर्ष 500 टन वर्मी कम्पोस्ट खाद गोठानों से खरीदने के लिए महिला समूहों से अनुबंध भी किया जा रहा है। जिससे महिलाएं उत्साहित है।