चंडीगढ़
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महाशिवरात्रि के अवसर पर भगदड़ की घटना से बचने के लिए प्राचीन शिव मंदिर मौलीजागरां के सीलबंद मुख्य द्वार खोलने का निर्देश दिया है। चंडीगढ़ पुलिस को निगरानी करने के आदेश जारी किया गया है। कोर्ट ने पहले सैन्य बल को पूरी भीड़ की निगरानी के निर्देश दिए थे। मंगलवार को आदेश में संशोधन कर डी.एस.पी. को सुरक्षा प्रबंध करने के लिए कहा है। कोर्ट भगवान शिव, देवता प्राचीन शिव मंदिर द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस विकास सूरी की बैंच ने कहा कि यह आदेश महा शिवरात्रि महोत्सव के मद्देनजर है, जो 26 फरवरी को है। अदालत ने इसे 2 मार्च के अंत में इस बंद करने के लिए कहा है।
मंदिर में भगदड़ की जताई थी संभावना
मंदिर की ओर से पेश वकील दिनेश मल्होत्रा ने तर्क दिया कि भगवान शिव को समर्पित मंदिर में भक्तों की भीड़ के आने की संभावना अधिक है, इसलिए जब तक उक्त मुख्य द्वारों को खोलने का आदेश नहीं दिया जाता, तब तक पवित्र मंदिर के संबंधित स्थल पर भगदड़ मच सकती है। बता दें कि याचिका में प्राचीन शिव मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वारा सील करने को चुनौती दी थी। याचिका में आरोप लगाया कि दिसंबर में निगम ने भूमि विवाद के बाद मुख्य प्रवेश द्वार को अवैध रूप से सील कर दिया था।