पंजाब
पंजाब के लाखों छात्रों के लिए अहम खबर सामने आई है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसले में पंजाब के गैर-सहायता प्राप्त एवं मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को पहली कक्षा में 25 प्रतिशत सीटें कमजोर एवं गरीब पृष्ठभूमि के बच्चों के लिए आरक्षित करने का आदेश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति एचएस ग्रेवाल की पीठ ने कहा कि बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत मानदंडों को पूरा करने वाले सभी गैर-सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को अंतरिम उपाय के रूप में कक्षा पहली में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करनी होंगी। ये सीटें स्कूल के आसपास रहने वाले कमजोर वर्गों और हाशिए पर पड़े समूहों के बच्चों के लिए आरक्षित होंगी ताकि उन्हें मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा मिल सके।