समस्तीपुर
राज्य के सरकारी अस्पतालों में अब गर्भवती व गर्भस्थ शिशुओं के तनाव स्तर (स्ट्रेस लेवल) व हृदय गति की जांच होगी। इसके लिए नॉन स्ट्रेस टेस्ट व कार्डियो टोकोग्राफी (सीटीजी) की मशीन लगेगी। राज्य के 100 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मशीन की आपूर्ति एवं अधिष्ठापन का आदेश राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक सुहर्ष भगत ने बीएमएसआइसीएल के प्रबंध निदेशक को दिया है।
मशीन से बच्चे की हृदय गति के बढ़ने के आधार पर तनाव का पता किया जाएगा। यदि दोनों की हृदय गति सामान्य से कम या ज्यादा है तो तत्काल उसका उपचार शुरू किया जाएगा। हृदय गति अधिक या बहुत कम होने से कई बार गर्भस्थ शिशु की मृत्यु हो जाती है। गर्भवती माताओं के डायबिटिक रहने, रक्तचाप में उतार-चढ़ाव जैसी स्थिति होने पर सीटीजी मशीन से गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य की मानीटरिंग की जा सकती है।
गर्भ में पल रहे बच्चे की मिलेगी ग्राफिकल रिपोर्ट
सरकारी अस्पतालों में सामान्य प्रसव के साथ-साथ सिजेरियन प्रसव की सुविधा प्रदान की जा रही है। भारत सरकार की मार्गदर्शिका के अनुसार, सभी गर्भवती को सरकारी अस्पताल में प्रसव पूर्व जांच कराने का प्रविधान है।
देश में गर्भावस्था के दौरान औसतन 10 से 15 प्रतिशत महिलाओं में जटिलताएं होती हैं। इसकी ससमय पहचान करने के लिए सीटीजी मशीन कारगार है।
इस मशीन द्वारा बच्चे के दिल की धड़कन मानीटर पर सुनाई एवं दिखाई जाती है। साथ ही, मशीन से गर्भ में पल रहे बच्चे की ग्राफिकल रिपोर्ट भी ली जा सकती है, ताकि जटिल गर्भावस्था की पहचान की जा सके।
उत्तर बिहार के इन जिलों में लगनी है मशीन
समस्तीपुर सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल रोसड़ा, पटोरी, पूसा व दलसिंहसराय, मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुढ़नी, मीनापुर, दरभंगा में अनुमंडल अस्पताल बेनीपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहेरी व मनीगाछी, मधुबनी सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल बेनीपट्टी, जयनगर, झंझारपुर व फुलपरास, पश्चिम चंपारण में अनुमंडल अस्पताल नरकटियागंज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लौरिया, पूर्वी चंपारण में सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल चकिया, रक्सौल, शिवहर सदर अस्पताल, सीतामढ़ी सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल बेलसंड।