नई दिल्ली
टीम इंडिया के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने मुंबई छोड़ने को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने बताया कि क्यों वह मुंबई का साथ छोड़ अब डोमेस्टिक क्रिकेट में गोवा की ओर से खेलते हुए दिखाई देंगे। पिछले दिनों ऐसी खबर सामने आई थी कि इस सलामी बल्लेबाज ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन से आगामी घरेलू सत्र के लिए गोवा से जुड़ने के लिए एनओसी मांगा है। जायसवाल ने अब इसकी पुष्टि कर दी है कि वह मुंबई का साथ छोड़ गोवा के लिए खेलने वाले हैं।
जायसवाल ने कहा कि मुंबई छोड़ने का फैसला 'बहुत कठिन' था और वह अपने करियर में आज जिस मुकाम पर हैं, उसके लिए वह MCA के ‘ऋणी’ रहेंगे। यशस्वी जायसवाल ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “यह मेरे लिए बहुत कठिन फैसला था। मैं आज जो कुछ भी हूं, वह मुंबई की वजह से हूं। इस शहर ने मुझे वह बनाया है जो मैं हूं और मैं जीवन भर एमसीए का ऋणी रहूंगा।”
जायसवाल ने कन्फर्म किया कि गोवा ने उन्हें लीडरशिप रोल की पेशकश की है जिस वजह से वह मुंबई की टीम को छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, “गोवा ने मुझे एक नया अवसर दिया है और इसने मुझे लीडरशिप की भूमिका प्रदान की है। मेरा पहला टारगेट भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन करना होगा और जब भी मैं राष्ट्रीय टीम में नहीं रहूंगा, मैं गोवा के लिए खेलूंगा और टूर्नामेंट में उन्हें आगे ले जाने की कोशिश करूंगा। यह एक (महत्वपूर्ण) अवसर था जो मेरे पास आया और मैंने इसे स्वीकार कर लिया।”
रिपोर्ट के अनुसार, 23 साल के इस भारतीय सलामी बल्लेबाज ने एनओसी प्राप्त कर ली है और अगले सत्र में गोवा की कप्तानी करने के लिए तैयार हैं। एम.सी.ए. को लिखे अपने पत्र में, जायसवाल ने अपने निर्णय के पीछे "करियर आकांक्षाओं" और "व्यक्तिगत परिस्थितियों" का हवाला दिया। जायसवाल ने लिखा, "मुझे घरेलू क्रिकेट में मुंबई का प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य मिला है और एसोसिएशन द्वारा प्रदान किए गए अवसरों से मुझे बहुत लाभ हुआ है। हालांकि, अपने करियर की आकांक्षाओं और व्यक्तिगत परिस्थितियों पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद, मैंने अपने घरेलू क्रिकेट के सफर को जारी रखने के लिए गोवा जाने लेने का फैसला किया है।"