नई दिल्ली: ऐसे कई मोबाइल ऐप्स हैं, जिसके जरिए यूजर्स के साथ लगातार धोखाधड़ी होने के मामले सामने आ रहे हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर एंड्रॉयड यूजर्स को चेतावनी जारी करते हुए 23 मोबाइल ऐप्स को तुरंत हटाने की सलाह दी गई है। इन ऐप्स के जरिए धीरे-धीरे यूजर्स का अकाउंट खाली हो जाता है और यूजर्स को इसकी भनक तक नहीं लगती। अगर आप भी एंड्रॉयड यूजर्स हैं तो कुछ ऐप्स इंस्टॉल करने से पहले अलर्ट रहना बेहद जरूरी है।
गूगल प्ले स्टोर की पॉलिसी का उल्लंघन
साइबर सिक्योरिटी और सॉफ्टवेयर फर्म Sophos के शोधकर्ताओं ने ऐसे खतरनाक ऐप्स का खुलासा किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये सभी ऐप्स, फ्लेसवेयर ऐप्स (fleeceware Apps) हैं और इन्होंने गूगल प्ले स्टोर (Google play store) की पॉलिसी का उल्लंघन किया है। रिसर्चर जगदीश चंद्राइहा के मुताबिक, Google में मिले इन ऐप के टर्म और फॉन्ट काफी हल्के हैं, जो पढ़ने में भी नहीं आते। हालांकि इसमें कुछ कमियां हैं, जो कुछ खतरनाक कामों की परमिशन दे देते हैं।
इन ऐप्स को मोबाइल से तुरंत डिलीट करने की दी गई सलाह-
com.photogridmixer.instagrid
com.compressvideo.videoextractor
com.photoconverter.fileconverter.jpegconverter
com.recoverydeleted.recoveryphoto.photobackup
com.screenrecorder.gamerecorder.screenrecording
com.smartsearch.imagessearch
com.video.magiciancom.el2020xstar.xstar
com.dev.furturescopecom.fortunemirror
com.emmcs.wallpapper
com.itools.prankcallfreelitecom.isocial.fakechat
com.old.mecom.myreplica.celebritylikeme.pro
com.tell.shortvideocom.csxykk.fontmoji
com.dev.palmistryastrology
com.nineteen.pokeradar
com.pokemongo.ivgocalculatorcom.hy.gscanner
com.wallpaper.work.application
com.gametris.wallpaper.application
ऐसे यूजर्स का उठाते हैं फायदा
रिसर्चर जगदीश चंद्राइहा ने बताया कि फ्लेसवेयर एक तरह का मैलवेयर मोबाइल ऐप्लीकेशन है, जो कि छिपी हुई सब्सक्रिप्शन फीस के साथ आता है। ये ऐप्लीकेशन उन यूजर्स का फायदा उठाते हैं, जिन्हें यह नहीं पता होता कि ऐप हटाने के बाद सब्सक्रिप्शन किस तरह कैंसिल करना होता है। ये ‘स्पैम सब्सक्रिप्शन’ तकनीक का इस्तेमाल करते हैं।