रायपुर : राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य श्रीमती कमलेश गौतम ने आज यहां रायपुर के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रास भवन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के 43 मामलों की सुनवाई की। सुनवाई में न्यायपीठ ने 21 मामलों का निराकरण किया तथा 22 मामलों में संबंधित पुलिस अधिकारियों को समय-सीमा देते हुए अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। सुनवाई में आयोग के काउंसलर श्री सर्वेश पाण्डेय भी उपस्थित थे।
श्रीमती गौतम ने बताया कि आयोग के समक्ष घरेलू हिंसा,पारिवारिक विवाद, दहेज प्रताड़ना, उत्पीड़न, छेड़छाड़, बलात्कार जैसे विभिन्न विषयों से संबंधित मामले आए जिसमें घरेलू विवाद से संबंधित शिकायतें अधिक थीं। उन्होंने महिलाओं से कहा कि कोई महिला कमजोर नहीं है। महिलाओं को हिम्मत और धैर्य से सभी परिस्थितयों का सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाएं सतर्क और जागरूक रहें। महिलाओं की प्राथमिक और नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि किसी व्यक्ति पर विश्वास करने और अपने जीवन से संबंधित निर्णय लेने से पहले पूरी जानकारी लें। श्रीमती गौतम ने कहा कि महिला हेल्पलाइन नंबर 181, आपातकालीन सेवा नंबर 112 और पुलिस प्रशासन को अधिक मुस्तैदी से काम करना होगा, जिससे पीड़िताओं तक तुरन्त मदद पहुंच सके।
आयोग की सुनवाई के दौरान विभिन्न जिलों से आए पुलिस अन्वेषण अधिकारी, विधिक सेवा प्राधिकरण की अधिवक्ता, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, राज्य महिला आयोग के अधिकारी सहित पक्षकारगण उपस्थित थे।