केंद्र सरकार के कृषि से जुड़े तीन विधेयकाें के विराेध में कांग्रेस ने चौतरफा हमला बोला है। सीएम भूपेश बघेल ने नागपुर, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने पटना तो पीएल पुनिया ने रायपुर में पत्रकारों से बातचीत कर विरोध दर्ज कराया। एआईसीसी के निर्देश पर केन्द्र के बिल के विरोध में देश में प्रदर्शन कर रही है। प्रेस कांफ्रेंस से शुरू हुआ विरोध डेढ़ महीने तक चलेगा। इस बीच सीएम भूपेश ने भी नागपुर में केन्द्र को खुली चुनौती देते हुए साफ कहा है कि केन्द्र का कृषि बिल वो छत्तीसगढ़ में लागू नहीं होने देंगे। उन्होंने राष्ट्रपति से इस बिल पर हस्ताक्षर नहीं करने का अनुरोध किया है। उसके बाद हमने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। यदि तब भी केंद्र न माने तो छत्तीसगढ़ में लागू न करने की ओर भी बढ़ेंगे।
किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बना रहा केंद्र: सिंहदेव
उधर, पटना में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि मोदी सरकार किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बना रही हैं। देश अब इसे भलीभांति समझ चुका है एवं भाजपा को सफल नहीं होने देगा। किसान देश के अन्नदाता हैं, हमारी अर्थव्यवस्था की बुनियाद हैं। यह कृषि विधेयक उन लाखों किसानों का निरादर है, जो दिन-रात अथक परिश्रम करते हैं। केंद्र सरकार उनके अधिकारों का हनन कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार मेहनतकश किसानों की रोज़ी छीन कर अपने कुछ बड़े व्यापारी मित्रों का घर भरने पर आमदा हैं। किसानों पर यह अत्याचार हिंदुस्तान कभी नहीं भूलेगा।
18 विपक्षी दल विरोध में: पुनिया
प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा कि बिल के विरोध में 18 विपक्षी दल एकजुट हैं। भारतीय किसान यूनियन, आरएसएस का किसान मंच, स्वदेशी जागरण मंच के साथ एनडीए के घटक दल भी इसका विरोध कर रहे हैं। किसान संगठनों द्वारा 25 को बुलाए गए बंद काे कांग्रेस ने समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि किससे पूछकर यह बिल लाया गया है।
भाजपा का पटलवार: बृजमोहन बोले- किसान नहीं, कांग्रेस विरोध कर रही
इधर, भाजपा नेता व पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि न तो मंडियां बंद की जा रही हैं और न ही समर्थन मूल्य पर खरीदी बंद होगी। इसके बाद भी किसानों में भ्रम फैलाकर कांग्रेस विरोध कर रही है। विरोध कांग्रेस कर रही है न कि किसान। देश के किसानों को उपज की सही कीमत मिले उन्हें फसल बेचने में कोई दिक्कत न हो इस वजह से ये दो नए कानून मोदी सरकार ने लाए हैं। नई चीजें आ रही हैं तो कांग्रेस के पेट में दर्द हो रहा है। यूपीए सरकार व राहुल गांधी खुद हर चुनावों में इन परिवर्तनों की बात करते रहे। अब किसानों को गुमराह किया जा रहा है।