राजनादगाव : जिला राजनादगाव में नेशनल हाइवे 6 में सितम्बर 2018 में शुभम नामदेव की हत्या मामले में एक नया मोड़ ले लिया है। आरके नामदेव ने आज प्रेसवार्ता लेकर अपने एकलौते बेटे की गला काट कर निर्मम हत्या मंकू नेपाली, दिनेश माहेश्वरी और जेल प्रहरी संदीप चंदेल आरोपियों के नाम की जानकारी पत्रकारों को बताए। जेल में सजा काट रहे आरके नामदेव को कैसे धोखाधड़ी कर 5 लाख रुपये ठग लिए गए थे। आरके नामदेव ने कहा कि मेरे बेटे के द्वारा रुपये वापस मांगने पर बेटे की गला काटकर मौत के घाट उतार दिया गया। मुझे इन लोगो से है जान का खतरा।
आरोपियों को रुपये वापस न करना पड़े इसलिए इस घटना को अंजाम दिया है।
आरके नामदेव ने बताया कि एक मामले में जिला जेल में सजा काट रहे था, जिसके बाद से वह जेल प्रहरी संदीप चंदेल ने मामला सुलझा लेने की बात कह कर उससे दिनेश माहेश्वरी और मंकू नेपाली से मुलाकात करवाया। मंकू और दिनेश ने मामला समझौता करा देने के दावा करते हुवे 5 लाख रुपये की डिमांड किए। आरके नामदेव ने 5 लाख रुपए दो किश्तों में जेल प्रहरी संदीप चंदेल के द्वारा दे दिए। लेकिन मामला सुलझा नही।
एकलौते बेटे की हत्या को लेकर पत्रकारों से गुहार लगा कर बोले कि मेरे बेटे की कातिल मंकू नेपाली और दिनेश माहेश्वरी को सजा दिलाये।
लगभग एक वर्ष होने के बाद भी शुभम हत्याकांड को सुलझाने में पुलिस की पसीना छूट गया है। पिता आरके नामदेव ने सिटी कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराया गया है, अब देखना होगा कि आरोपीयो को कब तक धरदबोचने मे कामयाब होती है पुलिस। मंकू नेपाली और दिनेश माहेश्वरी के खिलाफ गोली कांड सहित आपराधिक मामले पहले भी दर्ज की जा चुकी है।
9 सितम्बर 2018 को 24 वर्षीय शुभम की हत्या कर दी गई थी। शुभम का गला रेत गया था। उसकी कार में ही इस वारदात को अंजाम दिया गया था। दिनेश माहेश्वरी पर संदेह पर लालबाग थाना पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया गया था, पर उल्टे पुलिस के ऊपर दबाव डालने का आरोप लगाकर जहर पी लिया था।