रायपुर : महिला बाल विकास और सामाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने गुरुवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित केंद्रीय दिव्यांगता सलाहकार बोर्ड की बैठक में भाग लिया। श्रीमती भेंड़िया ने प्रदेश में मूक बधिरों के कल्याण और सामाजिक उत्थान के लिए रायपुर में नेशनल सेंटर फॉर असिस्टिव टेक्नोलॉजी सपोर्ट सेंटर खोलने तथा दिव्यांग की शीघ्र पहचान हेतु केन्द्रों की मांग रखी, जिस पर केन्द्रीय समाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री गहलोत ने अपनी सहमति व्यक्त की है।कार्यक्रम में श्रीमती भेंड़िया ने शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के सशक्तिकरण के लिए प्रदेश में चलाई जा रही योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में सरकारी सेवाओं में निःशक्तजनों का आरक्षण 6 से बढ़ाकर 7 प्रतिशत किया गया है, जो कि देश में सर्वाधिक है। इस पर केंद्रीय मंत्री श्री गहलोत ने सराहना करते हुए अन्य राज्यों को भी इसके अनुसरण की बात कही। केंद्रीय सलाहकार बोर्ड की बैठक में श्रीमती भेंड़िया ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निशक्तजनों के सशक्तिकरण के लिए संकल्पित है। दिव्यांगों के आर्थिक और सामाजिक मजबूती के लिए कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़ी कई योजनायें प्रदेश में चलाई जा रही हैं, वहीं निशक्त बच्चों की शिक्षा और व्यक्तित्व विकास के लिए कार्य योजनाएं बनाई गयी हैं।
दिव्यांगों के लिए जल्द खुलेगा असिस्टिव टेक्नोलॉजी पर आधारित नेशनल सेंटर
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