योग एक प्राचीन पद्धति है, जो स्वस्थ जीवनशैली के लिए बहुत जरूरी है। इंडियन कल्चर में इसे हमेशा से ही महत्वपूर्ण और असरदार माना गया है। लेकिन कुछ वक्त पहले तक पश्चिमी देश इसके रिजल्ट पर सवाल उठाया करते थे, मगर धीरे-धीरे दूसरी सभ्यताओं के साथ दुनिया के जाने-माने हेल्थ इंस्टीट्यूट हार्वर्ड मेडिकल स्कूल ने भी योग के 5 फायदों की पुष्टि की है।
योग के प्रकार? हार्वर्ड कहता है कि योग करने से मानसिक और शारीरिक फायदे मिलते हैं। इसके कई सारे प्रकार हैं, मगर हठ योग सबसे लोकप्रिय स्टाइल है। जिसमें शारीरिक गतिविधियां ज्यादा करनी होती हैं। बता दें कि अष्टांग योग, हॉट योग, पावर योग, कुंडलिनी योग इसके अन्य प्रकार हैं।
माइंडफुल ईटर बनते हैं लोग
खुद को जज किए बिना वर्तमान में फोकस करने को माइंडफुलनेस कहा जाता है। योग करने से व्यक्ति के अंदर शरीर के प्रति माइंडफुलनेस बढ़ती है और वह खाने के साथ उसकी गंध, स्वाद और एहसास का अच्छे से अनुभव कर पाता है।
वेट लॉस में आती है तेजी
जो लोग योग करते हैं, वो माइंडफुल ईटर बन जाते हैं। जिसकी वजह से वो अपनी भूख को कंट्रोल करने में सफल होते हैं और उसके मुताबिक ही खाते हैं। हार्वर्ड कहता है कि जो लोग चार साल तक हफ्ते में कम से कम 30 मिनट योगा करते हैं, उनका वजन दूसरों के मुकाबले कम बढ़ता है। वहीं, माइंडफुल ईटिंग वेट लॉस में तेजी लाने में भी मदद करती है।
बढ़ती है फिटनेस
योग को दिमाग और शरीर से तनाव व चिंता कम करने वाला माना जाता है। मगर यह व्यक्ति की एक्सरसाइज करने की क्षमता को भी बढ़ा देता है। हार्वर्ड ने पाया कि जिन लोगों ने पहले कभी योगाभ्यास नहीं किया था, इसे करने के बाद उनकी ताकत, सहनशीलता, लचीलापन और फेफड़े-दिल की क्षमता में इजाफा हुआ।
कार्डियोवस्कुलर सिस्टम के लिए फायदेमंद
दिल और नसों के पूरे तंत्र को कार्डियोवस्कुलर सिस्टम कहा जाता है। विभिन्न शोधों में पाया गया है कि योग से इस सिस्टम से जुड़ी परेशानियों में कमी आती है। यह हाइपरटेंशन, लिपिड प्रोफाइल और इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारता है।
स्वीकार्यता आती है
योग करने से मानसिक-शारीरिक ताकत व सांसें विकसित होती हैं, जो कि आंतरिक जागरुकता बढ़ाने में भी मदद करता है। योग ना करने वालों के मुकाबले योग विद्यार्थियों में अपने शरीर को लेकर स्वीकार्यता बढ़ती है।