रायपुर।। Chhattisgarh Tiger Reserve छत्तीसगढ़ के कोरिया जिला में स्थित गुस्र्घासीदास राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में रविवार को राज्य वन्य जीव बोर्ड की 11वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया। 1440.705 वर्ग किलोमीटर में फैला गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान राज्य का चौथा टाइगर रिजर्व बनेगा।
प्रदेश में अभी अचानकमार टाइगर रिजर्व, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व और इंद्रावती टाइगर रिजर्व हैं। इसे मिलाकर अब चार टाइगर रिजर्व हो जाएंगे। मुख्यमंत्री निवास पर हुई इस बैठक में राज्य के वनों में बाघों की संख्या में वृद्धि और उनकी सुरक्षा के लिए रेडियो कॉलरिंग व्यवस्था करने का फैसला किया गया। साथ ही बारनावापारा अभयारण्य से चीतलों की अधिक संख्या को देखते हुए उन्हें गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और उदंती-सीतानदी टायगर रिजर्व में शिफ्ट करने पर भी चर्चा हुई।
राजकीय पशु और पक्षी के साथ गिद्धों का भी संरक्षण
छत्तीसगढ़ के राजकीय पशु वन भैंसा और राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना के शुभंकर और गिद्धों के संरक्षण के लिए कार्ययोजना के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में अफसरों ने बताया कि राज्य में अचानकमार टायगर रिजर्व, गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और सरगुजा जिले के मैनपाट में गिद्धों की पांच प्रजातियां पाई जाती हैं। वन विभाग शीघ्र ही इसके लिए कार्ययोजना बनाएगा।
2001 में हुई थी गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना
गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान उद्यान की स्थापना 2001 में हुई थी। पहले यह संजय राष्ट्रीय उद्यान सीधी मध्यप्रदेश का हिस्सा था। छत्तीसगढ़ अगल राज्य बनने के बाद इसे गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान बनाया गया।
