समर्थन मूल्य पर धान तौलते नजर आए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री

बिलासपुर।धान के कटोरा छत्तीसगढ़ में इस खरीफ सीजन के लिए समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी रविवार को प्रारंभ हुई। समर्थन मूल्य को लेकर केंद्र-राज्य सरकार के बीच राजनीतिक लड़ाई के बाद शुरू हुई धान खरीदी से किसानों को राहत मिली है। छत्तीसगढ़ के धान उत्पादक किसानों का इंतजार एक दिसंबर को खत्म हो गया। प्रदेश में इस साल 19.56 लाख किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है। जो बीते वर्ष पंजीकृत किसानों की संख्या 16 लाख 97 हजार से दो लाख 58 हजार अधिक है। किसानों को फिलहाल केन्द्र सरकार से घोषित समर्थन मूल्य (एमएसपी) कामन धान के लिए 1 हजार 815 रुपये और ए ग्रेड (पतला धान) के लिए 1 हजार 835 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा।

राज्य सरकार ने अपनी घोषणा के अनुसार किसानों को प्रति किंवटल 2500 रुपये देने का दावा किया है। अंतर की राशि के लिए किसानों को अभी इंतजार करना पड़ेगा। इस बीच धान खरीदी के पहले दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दुर्ग जिले के धान खरीदी केंद्रों में पहुंचकर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में खुद धान तौलते नजर आए।

खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 के दौरान राज्य के किसानों से नगद व लिंकिंग में धान की खरीदी एक दिसम्बर से 15 फरवरी 2020 तक की जाएगी ।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के प्रथम दिन दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड की सहकारी समिति औंधी और जामगांव एम पहुंचे।

उन्होंने धान खरीदी के पहले दिन केंद्र का निरीक्षण किया। स्थानीय किसान श्रोणित चंद्राकर का धान बिक रहा था। किसानों और हमालों से मिलकर उनका हालचाल पूछा। खुशनुमा माहौल में किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री भी हमारी खरीदी की व्यवस्था देखने आए हैं यह देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। जामगांव एम में किसान तोखनलाल वर्मा का धान खुद मुख्यमंत्री ने तौला।

सरना धान को रगड़कर मुख्यमंत्री ने देखा गुणवत्ता

कलेक्टर अंकित आनंद ने व्यवस्था की जानकारी देते हुये बताया कि टोकन दिए जा चुके हैं। खरीदी की उत्तम व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग हो रही है।मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों को धान खरीदी के लिए सभी जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो और खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया जाएं।

राज्य के सभी जिलों में धान का उपार्जन छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) द्वारा किया जा रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में धान की खरीदी वर्ष 2018-19 में संचालित एक हजार 995 खरीदी केन्द्रों सहित इस वर्ष प्रारंभ किए गए 33 नवीन खरीदी केन्द्रों में की जाएगी।

प्रदेश में 48 मंडियों एवं 76 उपमंडियों के प्रांगण का उपयोग विगत खरीफ विपणन वर्ष के अनुसार धान उपार्जन केन्द्र के लिए किया जाएगा।प्रदेश के किसानों से धान खरीदी की अधिकतम सीमा 15 किंवटल प्रति एकड़ लिंकिंग सहित निर्धारित की गई है। इस वर्ष राज्य के किसानों से 85 लाख मैट्रिक टन धान उपार्जन अनुमानित है।

बिलासपुर में कलेक्टर डॉ. संजय अलंग ने सेवा सहकारी समिति सेंदरी, बिरकोना और सरकंडा में धान खरीदी की व्यवस्था का निरीक्षण किया और प्रबंधकों और आपरेटरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। खरीदी केन्द्र में रखी गई पंजी का निरीक्षण किया। प्रत्येक समिति में मानक धान का नमूना रखे जाने हेतु निर्देश भी उन्होंने दिया। इस वर्ष यह व्यवस्था की गई है कि समिति में आने वाले धान की ढेरी लगाई जायेगी, फिर उसका तौल किया जायेगा। कलेक्टर ने नमीमापक यंत्र लगाकर धान की नमी को नापा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *