नागरिकता संशोधन बिल 2019 बुधवार को लोकसभा में रखा जाएगा। इस दौरान भारी हंगामा होने की उम्मीद है। यह भी तय है कि सरकार के लिए यहां बिल पारित करवाना सरकार के लिए लोकसभा जितना आसान नहीं होगी। सवाल यह है कि आखिर सरकार बहुमत कैसे जुटाएगी। क्या लोकसभा में जिन गैर-एनडीए दलों ने साथ दिया था, वो यहां भी सरकार के लिए वोट करेंगे। शिवसेना और जेडीयू के रुख पर संशय है। शिवसेना ने यू-टर्न का संकेत दिया है, जबकि एनडीए के सहयोगी जनता दल (यूनाइटेड) के भी दो वरिष्ठ नेताओं ने अपने नेतृत्व के फैसले से असहमति जताते हुए समर्थन को लेकर पुनर्विचार की अपील की है।
राज्यसभा का नंंबर गेम
- राज्यसभा में कुल 245 सीटें। फिलहाल 5 सीट खाली होने से 240 सदस्य। बिल को सदन में पास कराने के लिए एनडीए को 121 वोटों की दरकार।
- अभी की स्थिति के मुताबिक, बिल के समर्थन में भाजपा (83 सीट), बीजेडी (7 सीट), एआईडीएमके (11 सीट), जे़डीयू (6 सीट), नॉमिनेटेड वोट (4), अकाली दल (3 सीट), स्वतंत्र एवं अन्य वोट (11) हैं। यानी कुल 125 वोट जो बहुमत के आंकड़े से 4 ज्यादा।
- विरोध में कांग्रेस (46 सीट), टीएमसी (13 सीट), समाजवादी पार्टी (9 सीट), वामदल (6 सीट), डीएमके (5 सीट), टीआरएस (6 सीट), बसपा (4 सीट) और अन्य (21 सीट) वोट।
- राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल पेश होने से पहले भाजपा संसदीय दल की बैठक हुआ। पार्टी पहले ही सभी सांसदों को व्हिप जारी कर चुकी है।
- राज्यसभा में प्रश्नकाल नहीं होगा और नागरिकता संशोधन बिल 2019 पर 12 बजे से ही बहस शुरू हो जाएगी। कांग्रेस की ओर से कपिल सिब्बल शुरुआत करेंगे। वहीं टीएमसी की ओर से डेरेक ओ ब्रायन तो बसपा की ओर से सतीष चंद्र मिश्रा बहस में हिस्सा लेंगे। आम आदमी पार्टी ने संजय सिंह अपनी बात रखेंगे।
- दोपहर 12 बजे से राज्यसभा में बिल पर चर्चा होगी। इस बीच, अमेरिका ने इस बिल पर टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया है। इससे पहले एक अमेरिकी संगठन ने इस बिल पर मोदी सरकार के खिलाफ बात कही थी।
- देशभर में विरोध प्रदर्शन करेगी कांग्रेस
कांग्रेस ने नागरिकता संशोधन बिल 2019 के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। सभी राज्य मुख्यालयों में इसका विरोध किया जाएगा।
- केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह राज्यसभा में बिल पेश करेंगे और इससे जुड़ी बारीकियों के बारे मे बताएंगे। बहस के बाद भी गृहमंत्री सवालों के जवाब देंगे। इसके बाद मत विभाजन होगा।
- कांग्रेस ने तय किया है कि वह सदन का बायकॉट नहीं करेगी, बल्कि बिल के विरोध में वोट करेगी। लोकसभा में पार्टी ने सदन का बहिष्कार कर दिया था।
- नागरिकता संशोधन बिल 2019 दोपहर 2 बजे राज्यसभा में रखा जाएगा। इसके बाद बहस होगी। फिर वोटिंग। लोकसभा की तर्ज पर यहां भी भारी हंगामा होने के आसार हैं। भाजपा औऱ कांग्रेस समेत सभी दलों ने व्हिप जारी कर अपने सभी सांसदों को मौजूद रहने को कहा है।
