नागरिकता‘ को मिलेगी नागरिकता…
सात साल पहले पाकिस्तान से आकर भारत में बसीं हिंदू शरणार्थी मीरा ने अपनी नन्ही पोती की ओर देखकर यही कहा.
दरअसल उनकी पोती का जन्म उस दिन हुआ, जब लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 पारित किया गया था.
उनके घर में एक दिन में ही दो ख़ुशखबरी आई. उन्हें सालों का अपना इंतज़ार ख़त्म होता दिख रहा था, और इसी ख़ुशी में उन्होंने अपनी नन्ही पोती का नाम ‘नागरिकता’ रख दिया.
मीरा कहती हैं, “पाकिस्तान में मैंने अपने बेटे का नाम भारत रखा था और बेटी का नाम भारती रखा था. फिर हम भारत आ गए. अब भारत में बात चल रही है कि हमें नागरिकता मिल सकती है, तो मैंने सोचा कि अपनी पोती का नाम ‘नागरिकता’ रखती हूं. ये बच्ची होते ही नागरिकता की बात शुरू हो गई. क्या पता, इसी के भाग्य से हमें नागरिकता मिलने जा रही है.”
बच्ची के दादा सुखनंद कहते हैं, “आज हमारे लिए होली-दिवाली से भी बड़ा त्योहार है, क्योंकि आज हमें अपनी नागरिकता मिलने जा रही है.”
इस परिवार की तरह ही, दिल्ली में मजनू का टिला स्थित पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों की इस बस्ती में हर चेहरे पर ख़ुशी है.
इस शरणार्थी बस्ती में 140 हिंदू परिवार रहते हैं, जिनमें क़रीब सात सौ लोग हैं. देश में अलग-अलग हिस्सों में पाकिस्तानी से आए हिंदुओं की ओर भी कई बस्तियां हैं.
‘नागरिकता’ के परिवार की ही तरह बस्ती का हर चेहरा खिला हुआ है, क्योंकि इन्हें अब भरोसा हो चला है कि नागरिकता संशोधन बिल के संसद से पास होने के बाद इनके ‘अच्छे दिन’ अब आने वाले हैं. इन्होंने तो मान लिया है कि बिल पास होते ही इन्हें नागरिकता मिल गई है, बस अब कागज़ी औपचारिकता ही पूरी करना बाक़ी है.
जिस समय देश के कई हिस्सों में नागरिकता संशोधन विधेयक पर विवाद हो रहा है और लोग ग़ुस्से में हिंसा पर उतर आए हैं, उस वक़्त इन पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों की ख़ुशी का ठिकाना नहीं है.
ये लोग वर्षों से उस पल का इंतज़ार कर रहे हैं, जब इन्हें भारत की नागरिकता मिल जाएगी और ये लोग ‘हिंदुस्तानी’ कहलाएंगे.
