नई दिल्ली। पीएम मोदी ने दिल्ली के रामलीला मैदान से एक रैली को संबोधित करते हुए बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधा और कहा कि कुछ साल पहले तक यही ममता दीदी संसद में खड़े होकर इस बात की मांग कर रहीं थीं कि बांग्लादेश से आने वाले घुसपैठियों को रोका जाए और वहां से आए पीड़ित शरणार्थियों की हरसंभव मदद की जाए। उस वक्त वह संसद में स्पीकर के सामने खड़ी होकर कागज फेंकती थी।
पीएम मोदी ने कहा कि ममता दीदी अब आपको क्या हो गया है? आपके वादे और इरादों में अंतर क्यों आ गया है? शरणार्थियों की वकालात करने वाली दीदी अब अफवाह क्यों फैला रही हैं? चुनाव होते रहते हैं, सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन आप किस भय से भयभीत हैं? आपको बंगाल की अवाम पर भरोसा करना चाहिए और उनको अपना दुश्मन नहीं मानना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिन लोगों को जम्मू कश्मीर की विधानसभा में महिला और पुरुष के आधार पर बने स्थाई निवासी कानून से कोई तकलीफ नहीं थी, अब उनको यहां धार्मिक अल्पसंख्यकों का रास्ता आसान हो, इससे दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके साथी दल , बड़े शहरों में रहने वाले कुछ पढ़े लिखे नक्सली -अर्बन नक्सल देश में यह अफवाह फैला रहे हैं कि सारे मुसलमानों को डिटेंशन सेंटर में भेज दिया जाएगा।
इन लोगों से उन्होंने कहा कि कुछ तो अपनी शिक्षा की इज्जत करिए। एक बार नागरिकता संशोधन एक्ट को पढ़ तो लीजिए है यह आखिर क्या? अब भी जो भ्रम में जी रहे हैं, मैं उन्हें कहूंगा कि कांग्रेस और अर्बन नक्सलियों द्वारा उड़ाई गई डिटेन्शन सेंटर की अफवाह सरासर झूठ हैं और इस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
पीएम मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू और सिख साथियों को जब यह महसूस हो की उन्हें भारत आना चाहिए तो उनका स्वागत है। ये कानून तब की भारत की सरकार के वादे के अनुसार है।
