अहमदाबाद। वहां हमें पाकिस्तानी नहीं समझा गया और यहां हमें हिंदू नहीं माना जा रहा है, बस यही दर्द है दिल में। हिंदुस्तान हमें अपना घर जैसा लगता है, यहां शांति व सुकून है। मोदी सरकार ने हमारे लिए भगवान जैसा काम किया है। तौहीन ए रिसालत कानून वहां हिंदुओं के लिए काल बन गया है।
सात साल पहले पाकिस्तान में अपना घर, नौकरी, रिश्तेदारों को छोडकर हिंदुस्तान आए सैकडों परिवारों के लोगों को आज भी यह दुख है कि वहां उन्हें पाकिस्तानी नहीं माना, हिंदू मानकर प्रताडित किया गया। अब हिंदुस्तान में आ गए तो उन्हें हिंदू नहीं पाकिस्तानी बताया जाता है। केंद्र सरकार के नागरिक संशोधन कानून का समर्थन करते हुए 75 साल के देवराज महेश्वरी, रामजी भाई महेश्वरी बताते हैं कि पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ बहुत बुरा सलूक किया जा रहा है।
बहन बेटियों को कहीं अकेला नहीं भेज सकते, बुर्का पहनाकर ही बाहर ले जाते हैं। 15 से 18 साल की लडकियों को मदरसों से जुडे लड़के उठा ले जाते हैं और कुछ दिन बाद लाकर बता देते हैं कि लडकी ने मुस्लिम से शादी करके इस्लाम कबूल कर लिया। बीते कुछ साल में लडकियों के अपहरण के 7000 मामले सामने आए हैं, उनमें से रिंकल कुमारी जैसे मामले वहां आए दिन होते रहते हैं। कोई लडकी अदालत में हिम्मत बताकर इस्लाम कबूल करने से इनकार भी कर दे तो उसे दारूल ए उलूम भेजा जाता है वहां फिर उसे प्रताडित किया जाता है।
लडकियां ही नहीं, लडकों तक को उठाकर जबर्दस्ती इस्लाम कबूल करा देने और समुदाय के लोगों को समूह में मुस्लिम अंगीकार कराने की घटनाओं ने हिंदू समाज को भीतर तक तोड़ दिया। 15 अगस्त 1947 के बाद कुछ साल तक शांति रही लेकिन बीते तीन दशक में तो सरकार, पुलिस, सेना व कट्टरपंथी संगठनों ने मिलकर हिंदुओं का जीना मुहाल कर दिया। सिंध में पत्रकार रहे डॉ प्रताप राय गोयल व डॉ भगीरथ दाफड़ा बताते हैं कि पाकिस्तानी सरकार ने कुछ साल पहले तौहीन ए रिसालत कानून बनाया जिसके हिंदुओं पर अत्याचार बढ गए।
पंजाब के गवर्नर सलमान तासीर ने खुद इसे काला कानून बताया तो उनके अंगरक्षक ने ही उन्हें गोली मार दी थी। महेश्वरी वणकर समुदाय के सैकडों परिवार अहमदाबाद में रह रहे हैं, नागरिक संशोधन कानून आने के बाद अब उन्हें यहां की नागरिकता की आस बंधी है, सोमवार को इस समाज की महिला व पुरुषों ने पीएम नरेंद्र मोदी का धन्यवाद जताया साथ ही कहा हमारे लिए ये किसी भगवान से कम नहीं। भाजपा सांसद डा िकरीट सोलंकी ने इन परिवारों से मुलाकात की औरकहा कि उनके रहते किसी को भी गुजरात में परेशानी नहीं होगी। केंद्र ने सीएए कानून बना दिया है जल्द ही अब भारत की नागरिकता भी मिल जाऐगी।
