रायपुर। Chhattisgarh Nikay Chunav : नगरीय निकाय चुनाव के नतीजे पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि भाजपा शहरी पार्टी मानी जाती है, लेकिन शहर में ही पीट गई। यह न केवल भाजपा, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की हार है। डॉ. सिंह पर निशाना साधते हुए बघेल बोले, वे न अपना गृह जिला कवर्धा बचा पाए और न ही विधायकी क्षेत्र राजनांदगांव में भाजपा को बढ़त दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही कोरबा नगर निगम में कांग्रेस पीछे है, लेकिन वहां भी भाजपा को बहुमत नहीं मिला है। उन्होंने दावा किया कि सभी 10 नगर निगमों में कांग्रेस के महापौर बनेंगे। राजीव भवन में पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम और मंत्री अमरजीत भगत की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने पत्रकारवार्ता में उक्त बातें कही।
उन्होंने नगरीय निकाय में अभूतपूर्व नतीजे के लिए पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और जनता का आभार जताया। महापौर-अध्यक्ष के अप्रत्यक्ष और बैलेट पेपर से पार्षदों का चुनाव कराए जाने पर भाजपा की तरफ से उठाए जा रहे सवालों पर मुख्यमंत्री बोले, प्रत्यक्ष और ईवीएम से चुनाव होता, तो भी यही नतीजा आता।
महापौर और अध्यक्ष का प्रत्यक्ष चुनाव होता, तो केवल उन्हें जिताने की जिम्मेदारी होती। अभी 2840 पार्षद प्रत्याशियों को जिताना था, जो बड़ी चुनौती थी। बघेल बोले, ईवीएम पर केवल कांग्रेस ही नहीं, जनता को भी भरोसा नहीं है। इस कारण अवसर मिला तो सबसे पहले बैलेट पेपर से चुनाव कराने का निर्णय लिया।
संख्या बल पर देखें, तो हमने 50 फीसद से अधिक पार्षदों को जिताकर कांग्रेस के महापौर, अध्यक्ष और सभापति बनाने के लक्ष्य को पूरा कर दिखाया है। बघेल ने कहा कि प्रत्यक्ष चुनाव की बात करें, तो अभी तक यह देखा गया, जहां कांग्रेस के महापौर हैं, तो वहां बहुमत नहीं थी। अब बहुमत के साथ शहरी सरकार काम करेगी।
राजनीति में कोई खत्म नहीं होता
भाजपा के बड़े नेताओं के पार्षद चुनाव हारने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में कोई खत्म नहीं होता। जिन्हें जनता ने आज नकार दिया है, कल उन्हें सिर-आंखों पर बैठा सकती है। राजनीति में अवसर समाप्त नहीं होता।
सर्वसम्मति से महापौर-अध्यक्ष तय होंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि महापौर और अध्यक्ष के लिए व्यक्तित्व और योग्यता देखी जाएगी। पार्टी के पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं और पार्षदों सभी की सर्वसम्मति से महापौर और अध्यक्ष के नाम तय किए जाएंगे। निर्दलीयों और बागियों को साधने की बात पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक हित में यह करना पड़े, तो इसमें कोई हर्ज नहीं है।
