रायपुर।आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने मंगलवार को राजीव भवन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की समस्याओं को लेकर सुनवाई की। सुनवाई के बाद कवासी ने कहा कि पहले ज्यादा समस्या आती थी, लेकिन राजीव भवन, सीएम हाउस, मंत्रालय और जिलों में सुनवाई के बाद समस्याएं कम हुई हैं।
भाजपा पर निशाना साते हुए लखमा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी दोस्ती फैलाने वाली पार्टी है, जबकि भाजपा नफरत फैलाओ पार्टी है। नए साल के जश्न में शराब के लाइसेंस देने के सवाल पर कवासी ने कहा कि छत्तीसगढ़ खुश है, तो इसमें लोगों को क्या दिक्कत है। सभी समाज के लोग नए साल की खुशी मनाते हैं। कांग्रेस आदिवासियों को सम्मान देने का काम कर रही है। जबकि भाजपा का काम सिर्फ सवाल खड़ा करना है।
कवासी ने कहा कि यह पार्टी रायपुर और जगदलपुर से नहीं चलती। भाजपा नागपुर से चलती है, इसलिए शराबबंदी की कमेटी में किसी को भी सदस्य मनोनित नहीं किया है, क्योंकि नागपुर से आदेश नहीं आया है।
कवासी ने माना कि आदिवासियों की रिहाई में ढीलाई हो रही है। वे लगातार मुख्यमंत्री और सचिव स्तर के अकिारियों से बात हो रहे हैं, लेकिन कानूनी प्रक्रिया होने की वजह से थोड़ा वक्त लग रहा है। सरकार यह सुनिश्चित कर लेना चाहती है कि रिहाई के बाद किसी किस्म की अड़चन न आए। आदिवासी एक बार छूटें तो छूट जाएं। 100 बंदियों की रिहाई के आदेश जेल भिजवा दिए गए हैं, बाकि पर भी जल्द ही फैसला हो जाएगा।
सोनिया को नए साल पर देंगे दस महापौर का तोहफा
कवासी ने कहा कि सरकार के काम से खुश होकर जनता ने नगरीय निकाय में जीत दिलाई है। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को नए साल में दस नगर निगम में महापौर बनाकर तोहफा देंगे। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में खाना नहीं मिलने के जकांछ नेता अमित जोगी के आरोप को कवासी ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि वे देखने तो गए है, फिर कैसे पता चलेगा कि देश-विदेश में कितना मान बढ़ा।
