दुर्ग, छत्तीसगढ़। कांग्रेस में महापौर पद को लेकर विधायक और वरिष्ठ पार्षद आमने सामने हो गए है। वरिष्ठ पार्षदों ने एकजुट होकर अरुण वोरा के पसंद के खिलाफ दिल्ली जाकर मोतीलाल वोरा से मुलाकात की और किसी भी वरिष्ठ पार्षद मतलब दो या तीन बार के पार्षद को महापौर की गद्दी सौंपने की मांग कर वापस लौट आए।
लेकिन ये बात वोरा परिवार के गले नहीं उतरी। उन्होंने अपनी सियासी जमीन हिलते देख अरुण वोरा के चचेरे भाई राजीव वोरा ने दुर्ग निवास में दिल्ली गए 5 पार्षदों की बैठक बुलाई। बैठक में मदन जैन, अब्दुल गनी,राजकुमार नारायणी,सत्यवती वर्मा के पति शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष आर एन वर्मा, प्रेमलता साहू के पति पोषण साहू बैठक में शामिल हुए इन्होंने एक स्वर में किसी भी वरिष्ठ को सिंहासन सौंपने पर अपनी रजामंदी दी।
हालांकि 1 जनवरी को महापौर चयन के लिए पर्यवेक्षक धनेंद्र साहू ने बैठक लेकर सभी दावेदारों से वन टू वन चर्चा कर हालतों की जानकारी पार्टी के बड़े नेताओं को दी थी। फिर भी बिना पार्टी आदेश के अचानक राजीव वोरा का इस तरह पार्षदो से रायसुमारी करना या अपनी राय थोपने के लिए बैठक करना पार्षदों का रास नहीं आ रहा।
