बजट 2020: मकान मालिकों और खरीददारों को मिलेगी बड़ी राहत, आ सकते है कई बदलाव

नई दिल्ली: प्रत्येक वर्ष बजट में वित्त मंत्री से लोग वित्तीय मोर्चे पर राहत की उम्मीदें की जाती है. वहीं इस वर्ष के बजट में भी लोगों को खासकर टैक्स में राहत की उम्मीद की जा रही है. वहीं टैक्सपेयर जिन क्षेत्रों में राहत की उम्मीद कर रहे हैं, उनमें से एक हाउस प्रॉपर्टी पर टैक्स भी शामिल है. जंहा पिछले कुछ बजट में मकान मालिकों को थोड़ी बहुत राहत मिली थी, जिसका उद्देश्य 2022 तक ‘सबको मकान’ की सरकार की प्रतिबद्धता सुनिश्चित करना था.

स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी: आयकर अधिनियम, 1961 के मुताबिक रेंटेड हाउस प्रॉपर्टी के मामले में हाउस प्रॉपर्टी के नेट ऐनुअल वैल्यू को ग्रॉस रेंटल वैल्यू में से म्यूनिसिपल टैक्स को घटाकर निकाला जा रहा है. हाउस प्रॉपर्टी से टैक्सेबल इनकम निकालने के लिए नेट ऐनुअल वैल्यू में से मकान के रिपेयर तथा मेंटनेंस के मद में मिलने वाले 30 फीसदी के स्टैंडर्ड डिडक्शन तथा हाउजिंग लोन पर भुगतान किए जाने वाले इंट्रेस्ट पर डिडक्शन को घटा दिया जाता है. साल 2002 से ही 30% के स्टैंडर्ड में अब तक कोई बढ़ोतरी नहीं देखी गई है. मकान के रिपेयर, यूटिलिटीज तथा मेनटेनेंस के महंगा होने की वजह से सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर 50% तक कर सकती है.

हाउजिंग लोन इंट्रेस्ट पर डिडक्शन में बढ़ोतरी: आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि हाउजिंग लोन पर इंट्रेस्ट को डिडक्शन के रूप में क्लेम किया जा सकता है. सेल्फ ऑक्यूपाई हाउस प्रॉपर्टी के लिए डिडक्शन की सीमा 2 लाख रुपये है, हालांकि किराये पर लगाई गई हाउस प्रॉपर्टी के लिए डिडक्शन के रूप में क्लेम किए जा सकने के लिए ब्याज की रकम की कोई ऊपरी सीमा नहीं है. वहीं यह भी कहा जा रहा है कि सेल्फ ऑक्यूपाई प्रॉपर्टी के लिए दो लाख रुपये डिडक्शन की सीमा में प्री-कंस्ट्रक्शन इंट्रेस्ट भी शामिल है, जिसे पांच बराबर किस्तों में क्लेम किया जा सकता है. हालांकि, बजट 2017 में हाउजिंग लॉस की रकम को सीमित कर दिया, जिसे उसी आकलन वर्ष में दो लाख रुपये तक क्लेम किया जा सकता था और नुकसान की बाकी रकम की भरपाई अगले आठ वर्षों तक हाउस प्रॉपर्टी इनकम पर लागू टैक्स से करने की व्यवस्था की गई थी.

जंहा इस बात का अनुमान है कि अगर टैक्सपेयर्स के पास अगले आठ सालों के दौरान पॉजिटिव हाउस प्रॉपर्टी इनकम नहीं हुई तो नुकसान की बाकी रकम बेकार चली जाएगी और टैक्सपेयर को टैक्स बेनिफिट का लाभ नहीं मिल पाएगा. केंद्र सरकार परेशान मकान मालिकों के बोझ को कम करने के लिए हाउजिंग लोन के इंट्रेस्ट पर मिलने वाले डिडक्शन को बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये तक कर सकती है, साथ ही लॉस की भरपाई के लिए लिमिट को भी बढ़ा सकती है.

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