किसानों की आय बढ़ाने के लिए ये हैं 16 अहम फैसले….मोदी सरकार देगी 15 लाख करोड़ का कृषि कर्ज

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने किसानों के लिए 2020-21 में कृषि कर्ज देने के टारगेट में रिकॉर्ड वृद्धि कर दी है. इसे 15 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है. जबकि अब तक सिर्फ 11 लाख करोड़ रुपये ही था. इस लक्ष्य में इसलिए रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी की गई है ताकि किसान साहूकारों से मोटी रकम पर कर्ज लेने के लिए मजबूर न हों. केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से संसद में एनएसएसओ के हवाले से पेश की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक देश के हर किसान पर औसतन 47 हजार रुपये का कर्ज है. जबकि हर किसान पर है औसतन 12130 रुपये का कर्ज साहूकारों का है. सरकार चाहती है कि किसान साहूकारों की बजाय सरकारी संस्थाओं से लोन लें.

15 लाख करोड़ रुपये की यह रकम देश के विभिन्न बैंकों के जरिए कृषि योजनाओं के तहत किसानों को कर्ज के रूप में दी जाएगी. 03 दिसंबर 2019 को लोकसभा में पेश एक रिपोर्ट में नाबार्ड (National Bank for Agriculture and Rural Development) के हवाले से कहा गया है कि 2019-20 में 30 सितंबर तक 6,96,925 करोड़ रुपये का कृषि कर्ज दिया जा चुका था. जबकि 2016-17 में 10,65,756 करोड़ रुपये का कृषि कर्ज बांटा गया था.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट (Budget 2020) भाषण में कहा कि हम 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं. कृषि एवं किसान विकास के लिए 16 प्वाइंट एजेंडा तय किया गया है. आइए जानते हैं कि इसमें है क्या?

खेती-किसानी के लिए बजट में रिकॉर्ड वृद्धि की गई है. इसके बजट में रिकॉर्ड 1.52 लाख करोड़ की वृद्धि की गई है. 2019-20 में इस क्षेत्र के लिए 1,30,485 करोड़ का बजट था जिसे बढ़ाकर 2,83,000 करोड़ कर दिया गया है.

>>किसान रेल की स्थापना की जाएगी, ताकि देश भर में दूध, मांस, मछली समेत खराब खराब होने वाले कृषि सामानों को शीघ्रता से पहुंचाया जा सके.

>केंद्र सरकार द्वारा पारित मॉडल कृषि कानूनों को लागू करने के लिए राज्य सरकारों को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि हर राज्य का किसान फायदा ले सके.

प्रधानमंत्री सोलर पंप की स्थापना के लिए 20 लाख किसानों को लाभ देने की योजना. इसके लिए पीएम कुसुम योजना का विस्तार किया गया है. सरकार सोलर पंप की कुल लागत का 60% रकम देगी.

देश में मौजूद वेयर हाउस, कोल्ड स्टोरेज को नाबार्ड (नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट) अपने अंडर में लेगा और नए तरीके से इसे डेवलप किया जाएगा. देश में और भी वेयर हाउस, कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएंगे. इसके लिए PPP मॉडल अपनाया जाएगा.

महिला किसानों के लिए धन्य लक्ष्मी योजना का ऐलान किया, जिसके तहत बीज से जुड़ी योजनाओं में महिलाओं को मुख्य रूप से जोड़ा जाएगा.

जैविक खेती के जरिए ऑनलाइन मार्केट को बढ़ाया जाएगा.

किसान क्रेडिट कार्ड योजना को 2021 के लिए बढ़ाया जाएगा.

दूध के प्रोडक्शन को दोगुना करने के लिए सरकार की ओर से योजना चलाई जाएगी.

मनरेगा के अंदर चारागाह को जोड़ दिया जाएगा.

मछली पालन को बढ़ावा दिया जाएगा. फिश प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा.

किसानों को दी जाने वाली मदद को दीन दयाल योजना के तहत बढ़ाया जाएगा.

विमान से जाएगा किसानों का सामान, कृषि उड़ान योजना को शुरू किया जाएगा.

फर्टिलाइजर का बैलेंस इस्तेमाल करने को प्रेरित किया जाएगा, ताकि जमीन खराब न हो, लागत कम हो और स्वास्थ्य भी ठीक रहे.

कृषि क्षेत्र को प्रतिस्पर्धी बनाने का काम होगा.

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