रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सरकारी स्कूलों (School) में शिक्षा व्यवस्था पहले से ही ठीक नहीं है. भौतिक संसाधनों के साथ ही शिक्षकों की कमी परेशानी का बड़ा कारण रहा है. ऐसे में चुनावी वर्ष होने की वजह से शिक्षकों को एक नहीं बल्कि चार-चार चुनाव कराने पड़े, जिसकी वजह से शिक्षकीय कार्य काफी प्रभावित रहा. कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2 और 3 मार्च से शुरू तो हो रही पर, 70 फिसदी स्कूलों में कोर्स पूरा हुआ ही नहीं है. ऐसे में स्टूडेंट्स की चिंता बढ़ गई है.
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सरकारी स्कूलों में बोर्ड के छात्र-छात्राओं को चिंता इस बात की सता रही है कि जब कोर्स पूरे हुए ही नहीं तो परीक्षा कैसे दें. कक्षा दसवी में इस बार 3 लाख 91 हजार व 12वीं में 2 लाख 76 हजार परीक्षार्थी शामिल होगें. इसके लिए राज्य भर में 2 हजार 305 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं. परीक्षा तो होगी मगर ज्यादातर सरकारी स्कूलों के परीक्षार्थी चिंतित इस लिए हैं. क्योकि कई स्कूलों में पूरे वर्ष शिक्षकों की कमी रही. वहीं अधिकांश स्कूलों में कोर्स पूरा नहीं हो पाया है.
चुनाव कराते रहे शिक्षक
विधानसभा के 90 सीट,लोकसभा के 11 सीटों के साथ साथ नगरीय निकाय और 10 हजार 800 ग्राम पंचायतों के चुनाव कार्य में शिक्षको की ड्यूटी लगाई गई थी. इस वजह से शिक्षकीय कार्य पर काफी असर पड़ा. अब परीक्षा को 15 दिन ही बचे हैं. ऐसे में छात्र छात्राओं को कोर्स पूरा होने की चिंता सता रही है. यदि परीक्षा से पहले कोर्स पूरा भी करा लिया गया तो उनके पास रिविजन का समय नहीं रहेगा.
लगाते है एक्सट्रा क्लास
रायपुर के जेएन पाण्डेय स्कूल के प्राचार्य एमआर सावंत ने बताया कि शासकीय स्कूलों में कमजोर बच्चे आते हैं. एक्सट्रा क्लास लगा कर पढ़ाई कराई गई है. चुनाव की वजह से कुछ प्रभावित तो हुआ मगर जिन शिक्षकों की चुनाव में ड्यूटी नहीं लगी थी उनके माध्यम से पढ़ाई कारायी गई है. बेहतर परिणाम के लिए प्रयास किए जा रहें है
बीते वर्ष ओएमआर आन्सर सीट के माध्यम से परीक्षा ली गई थी. इस बार आन्सर सीट में कोडिंग की गई है. इससे परीक्षा कापी बदली नहीं जा सकेगी. उत्तर पुस्तिका किसकी है यह पता भी नहीं चलेगा. माध्यमिक शिक्षा मण्डल के सचिव व्हीके गोयल ने बताया कि परीक्षा को लेकर पूरे प्रदेश के कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखा गया है. सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ नकल रोकने के निर्देश दिए गए हैं. इस साल प्रदेश के पांच परीक्षा केन्द्रो को बंद किया गया है. वहीं 81 नए परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं. पांच ऐसे परीक्षा केन्द्र हैं, जिनकी शिकायत लगातार मिल रही थी.
