जशपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के जशपुर (Jashpur) जिले में शालात्यागी बच्चों को फिर से स्कूल वापिस लाने और स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने जिले के शिक्षकों ने मुस्कान अभियान (Muskan Abhiyan) चलाया है. जिले के शिक्षक अपनी तनख्वाह (Salary) और जनसहयोग से सामग्रियां एकत्रित कर गांव में जाकर उसका वितरण कर पालकों को बच्चों को स्कूल (School) भेजने प्रेरित कर रहे हैं. शिक्षकों का दावा है कि इस पहले से अब तक 300 से अधिक शालात्यागी बच्चे स्कूल लौट आए है.
शिक्षकों की पहल
जशपुर के दूरस्थ इलाकों में आज भी स्कूलों में बच्चों की संख्या काफी कम रहती है. जिन बच्चों ने स्कूलों में दाखिला लिया है उनकी भी उपस्थिति काफी कम रहती है, जिससे जिले में और बेरोजगारी बड़ी समस्या के रूप सामने आई है. अब इस स्थिति को ठीक करने का बीड़ा उठाया है जिले के शिक्षकों ने. छत्तीसगढ़ टीचर एसोसिएशन के शिक्षकों ने अपनी तनख्वाह और जनसहयोग से बच्चों के लिए चप्पल, कपड़े, गर्म कपड़े, कॉपी किताब, पेन, महिलाओं के लिए साड़ी और बुजुर्गों के लिए शॉल और कम्बल का इंतजाम किया है. शिक्षक ट्रकों में सामान भरकर जिले के पहुंचविहीन और दूरस्थ इलाकों में पहुंचते हैं.
पहल का असर
शिक्षक गांव में जाकर पहले तो जरूरतमंदों को सामानों का वितरण करते हैं और उसके बाद ग्रामीणों को बच्चो को स्कूल भेजने का प्रण दिलाते हैं. शिक्षकों का कहना है कि इस पहल का ग्रामीणों में खासा असर भी हो रहा है और अब तक तीन सौ से अधिक शालात्यागी स्कूली बच्चे लौट आए हैं. शिक्षकों ने 12 चरणों में अब तक दो हजार से अधिक ग्रामीणों और बच्चों को सामान वितरित किया है. ग्रामीण शिक्षकों की इस पहल को काफी अच्छा बता रहे है तो वहीं अधिकारी भी शिक्षकों की इस पहल की तारीफ कर रहे हैं. बगीचा के विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एमआर यादव ने बताया कि शिक्षकों की पहल के बाद इसका असर देखने को मिल रहा है. जहां- जहां शिक्षक इस कार्यक्रम को आयोजित कर रहे हैं वहां स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति में इजाफा हुआ है.
