रायपुर 02 मार्च 2020
मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अन्तर्गत सुकमा जिले में आने वाली पीढ़ी को लक्षित कर संवरता सुकमा कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। अक्टूबर 2019 से प्रारंभ इस अभियान के तहत अब तक दो हजार से अधिक बच्चों को कुपोषण से मुक्त किया जा चुका है। जिले में अभी तीन पोषण पुर्नवास केन्द्र सुकमा, छिन्दगढ़ और कोण्टा में संचालित हो रहे हैं।
राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत् आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मितानिनों के माध्यम से गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती किया जाता है। यहां पर माता व बच्चे को विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में आवश्यक उपचार व पौष्टिक आहार दिया जा रहा है।
प्रथम चरण में समस्त गर्भवती, शिशुवती व 1 से 6 वर्ष के बच्चों में प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम के पूर्ति के लिए अण्डे एवं रागी, हलवा, गर्म भोजन के साथ प्रदान किया जा रहा है। 1 से 3 वर्ष के बच्चों को प्रोटीन बिस्किट और 3 से 6 वर्ष के बच्चों को सोया, मूंगफली और चिक्की दिया जा रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और सुपोषण मित्र लगातार कार्य रहे हैं। इस अभियान के लिए 415 प्रशिक्षित सुपोषण मित्र भी बनाए गए हैं।
एनीमिया मुक्त सुकमा के लिए प्रथम चरण में 13 हजार 562 महिलाओं की एनीमिया जांच की गई। सीवियर एनीमिया ग्रस्त 144 महिलाओं को तत्काल ब्लड ट्रांसफ्यूजन कराया गया। 10 ग्राम से कम हीमोग्लोबीन पाए गए 2023 महिलाओं के लिए आंगनबाड़ी केन्द्र में गर्म भोजन की व्यवस्था की गई। 0 से 5 वर्ष के 9123 बच्चों का एनीमिया जांच किया गया जिसमें से 3560 बच्चों में दस ग्राम से कम एचबी पाए गए थे इसके लिए भी आंगनबाड़ी केन्द्रों में गर्म भोजन की भी व्यवस्था की गई।
