5 मार्च को 150 महिलाओं और बच्चों को दिया गया गर्म भोजन
कोण्डागांव, 06 मार्च 2020
मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का विस्तार अब शनैः शनैः जिले के दूरस्थ ओर संवेदनशील क्षेत्रो मे भी किया जा रहा हैं। 2 अक्टूबर से प्रारंभ मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत् अब तक जिले के 36 पंचायतो के 247 आंगनबाड़ी केन्द्रो को लक्षित किया गया था इन आंगनबाड़ी केन्द्रो मे 6 माह से 6 वर्ष तक के 3 हजार 708 बच्चे कुपोषित थे। जिनमे से 378 बच्चे सामान्य श्रेणी मे आ गये है इसी प्रकार इन पंचायतो मे 15 से 49 वर्ष की 22 हजार 315 महिलायें एनीमिक पाई गई थी। जिनमे से 543 महिलायें एनिमिया मुक्त हो चुकी है। ज्ञात हो कि कलेक्टर नीलकण्ठ टीकाम के मार्गदर्शन मे इसी पर आधारित एक अन्य मूहिम ’’नावा बेस्ट नार’’ भी मुलतः सुपोषण अभियान पर आधारित है। इस अभियान मे ग्रामीण समुदाय को विशेष रूप से जोड़ने पर जोर दिया गया है। इसके तहत् ग्रामीणो की बैठकै ली जाती है और ग्राम के एनीमिक महिलाओ और बच्चो को चिन्हित कर उनके स्वास्थ्य सुधार पर जोर दिया जाता है साथ ही अधिक गंभीर और कमजोर बच्चो को जिला चिकित्सालय मे भी रिफर करने की कार्यवाही की जाती है। इस संबध मे कलेक्टर नीलकण्ठ टीकाम का कहना है कि किसी भी अभियान के सही और वास्तविक परिणाम पाने के लिए कर्मचारियो के द्वारा जिम्मेदारियो के निर्वहन के साथ साथ ग्रामीणो की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है इसके लिए विशेष रणनीति के तहत् काम करना होगा क्योंकि ग्रामीणो के मनोविज्ञान को भी समझना जरूरी है। उन्हे सही तरीके से समझाकर उनके परंपरागत नजरिये को बदलकर ही अभियानो का सार्थक परिणाम पाया जा सकता है जैसे नावा बेस्ट नार अभियान मे ग्राम के वरिष्ठ नागरिको ग्रामपुजारी, गायंता, पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा लगातार बैठके ली जाती है। जिसका मूल विषय ग्राम विकास के साथ साथ महिलाओ और बच्चो के स्वास्थ्य पर केन्द्रित होता है इस संबंध मे सभी विभागो के अधिकारियांे कर्मचारियों को अलग-अलग ग्राम पंचायतो का नोडल भी बनाया गया हैं। इसके अलावा ग्राम स्तर के कर्मचारी, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पटवारी, गाम सचिव, कृषि विस्तार अधिकारी, शिक्षको की भी इसमे बड़ी जिम्मेदारियां दी गई है।
इस क्रम मे विगत 5 मार्च को भी जिले के दूरस्थ संवेदनशील कहे जाने वाले सीमावर्ती ग्राम कड़ेनार मे भी 150 महिलाओ और बच्चो को पौष्टिक आहार देेने की शुरूवात की गई। जिसमे कड़ेनार के अलावा अन्य आंगनबाड़ी केन्द्र चिकपाल, डोडेम, तिरिन बेड़ा , मंदोड़ा आदि केन्द्रो के महिलायें और बच्चे भी शामिल हुऐ। ये सभी ग्राम ऐसे नदी नालो वन पहाड़ो से घिरे हुए है। जहां पूर्व मे सुपोषण अभियान को विस्तार देना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था परंतु अब शुष्क मौसम के चलते इन अभियानो को अब सफलता पूर्वक अंजाम दिया जा रहा है। और इस कार्य मे मैदानी कर्मचारी बखुबी अपने दायित्व को निभा रहे है। इसके साथ ही दिनांक 6 मार्च को भी इससे लगे हुए एक अन्य ग्राम पंचायत बेचा मे भी महिलाओ और बच्चो को पौष्टिक आहार देने की शुरूवात की जायेगी। ग्राम कड़ेनार मे आयोजित उक्त कार्यक्रम के आयोजन मे ग्राम सरपंच शंकर वट्टी, उप सरपंच शिवशंकर दिवान, आंगन बाड़ी कार्यकर्ता रजबती बघेल, गितेश्वरी दीवान, जलदई कोर्राम, गंडइन सेठिया, रमली वट्टी, एनएम ममता गढ़पाले, नोडल अधिकारी (नावा बेस्ट नार) प्रकाश बागड़े, सेक्टर नोडल डॉ विश्वनंदन साहू, अरूण हिड़कने का विशेष योगदान रहा।
