दंतेवाड़ा 07 मार्च 2020

जिले के दन्तेवाड़ा तहसील अंतर्गत भोगाम निवासी ग्रामीण नीलाम्बर कड़ेयारी ने राज्य डेयरी उद्यमिता योजनान्तर्गत लाभान्वित होकर अपने घर में ही स्वरोजगार स्थापना के सपने को साकार कर लिया है। उक्त योजनान्तर्गत पशुपालन विभाग के सहयोग से वर्ष 2017-18 में बैंक द्वारा डेढ़ लाख रुपये की ऋण तथा विभाग द्वारा डेढ़ लाख रुपये अनुदान उपलब्ध कराया गया है। जिससे नीलाम्बर ने 4 दुधारू गाय खरीदा। वहीं पशु आवास के लिये शेड निर्माण करने सहित चारा उत्पादन और दुधारू पशुओं हेतु पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने नलकूप स्थापित किया।इसके साथ अपने डेयरी व्यवसाय को सफलतापूर्वक संचालन आरंभ किया। अपने दुधारू पशुओं के लिये पर्याप्त हरा चारा उत्पादन को ध्यान रखकर वह अपने घरबाड़ी में ही पौष्टिक बरसीम और एमपी चरी चारा की खेती कर रहे हैं। नीलाम्बर ने अपने दुधारू पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान करवाया है, जिससे उन्नत नस्ल के बछिया उतपन्न हुई हैं और दुग्ध उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अभी हाल ही में नीलाम्बर से पशुपालन विभाग में भेंट होने पर उन्होंने बताया कि वह अपने खेती-किसानी के पारम्परिक व्यवसाय के साथ ही घर में ही ऐसी आयमूलक गतिविधि संचालित करना चाहते थे जिसमें परिवार के सदस्य भी आसानी के साथ सहभागिता निभा सकें। इस बीच 2016 में पशुपालन विभाग के कर्मचारियों ने डेयरी उद्यमिता योजना की पूरी जानकारी देकर इससे लाभान्वित होने प्रोत्साहित किया। इस परामर्श के बाद उसने अपने स्वरोजगार के सपने को बैंक और पशुपालन विभाग की मदद से साकार कर लिया है। नीलाम्बर ने बताया कि अभी उसके पास 6 दुधारू गाय हैं, जिससे हर दिन करीब 40 लीटर दूध उत्पादन हो रहा है, इस दूध को दन्तेवाड़ा में होटल और सरकारी कर्मचारियों के यहां बेचकर हर महीने 20 से 25 हजार रुपये की आमदनी हो रही है। इस आमदनी के जरिये वह अपने 9 सदस्यीय परिवार का अच्छी तरह भरण पोषण कर रहे हैं और आर्थिक स्थिति बेहतर होने के फलस्वरूप अब परिवार खुशहाल हो गया है।
