रायपुर, 24 अप्रैल 2020
आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावास-आश्रम एवं आवासीय विद्यालयों ने सफलता की नई इबारत लिख रहे हैं। इसका प्रमाण है कि कोरिया जिले में वर्ष 2019-20 की जेईई मेन्स की परीक्षा में विकासखंड खड़गवां के पोंड़ीडीह में स्थित एकलव्य संयुक्त आदर्श आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत 06 छात्रों का चयन हुआ है। इतना ही नहीं एकलव्य विद्यालयों के राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में एकलव्य विद्यालय पोंड़ीडीह के 02 विद्यार्थियों ने शामिल होकर अपनी कला का प्रदर्शन किया। इसी प्रकार वर्ष 2019-20 में बालक क्रीड़ा परिसर मनेद्रगढ़ में निवासरत 44 छात्र राज्य स्तरीय क्रीडा प्रतियोगिता में शामिल हुए, जिसमें 09 कबड्डी, 02 फुटबाल, 20 हॉकी, 13 बच्चों ने एथलेटिक्स में भाग लिया। एक छात्र ने नेशनल प्रतियोगिता खेलो इण्डिया खेलो में भी अपनी सहभागिता दी है।
कोरिया जिले में कुल 110 छात्रावास आश्रम एवं 04 विशिष्ट आवासीय विद्यालय संचालन बेहतर तरीके से हो रहा हैं। शैक्षणिक वर्ष 2019-20 हेतु विकासखंड खड़गवां के पोंड़ीडीह में स्थित एकलव्य संयुक्त आदर्श आवासीय विद्यालय में कुल 352 छात्र-छात्राएं, विकासखंड सोनहत में स्थित एकलव्य संयुक्त आदर्श आवासीय विद्यालय में 60 छात्र-छात्राएं, विकासखंड मनेन्द्रगढ़ के बालक क्रीडा परिसर में 400 बच्चे एवं शासकीय आदर्श बालक छात्रावास, विकासखंड बैकुण्ठपुर में 25 बच्चे को प्रवेश दिया गया है। छात्रावास आश्रम एवं आवासीय विद्यालयों में रहने वाले बच्चों को प्रोजेक्टर के माध्यम से शिक्षा एवं प्रेरणास्पद फिल्में दिखायी जाती है जिससे बच्चों का मानसिक विकास हो सके। जिले के 29 छात्रावास आश्रम ऐसे हैं, जहां निवासरत बच्चों को स्मार्ट क्लास के माध्यम से अध्यापन कार्य कराया जा रहा है। जिले में संचालित 31 कन्या छात्रावासों में निवासरत सभी छात्राओं की शुचिता को ध्यान में रखते हुए सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराये जाते हैं। साथ ही उपयोग के बाद नष्ट करने हेतु सभी संस्थाओं में सेनेटरी नैपकिन भस्मक मशीन भी लगाई गई है। जिले में संचालित छात्रावास-आश्रमों में निवासरत विद्यार्थियों को एक हजार रूपये प्रति माह प्रति विद्यार्थी शिष्यवृत्ति राशि उपलब्ध प्रदाय की जाती हैं। छात्रावास आश्रमों में रहने वाले बच्चों को गुणवत्ता युक्त आहार के साथ-साथ मनोरंजन हेतु कैरम, क्रिकेट, लूडो, बैडमिंटन आदि भी उपलब्ध कराया गया है। छात्रावास आश्रमों में किचन गार्ड विकसित किया है, जहां लौकी, पपीता, भाजी, मुनगा, बैंगन, गोभी, बरबट्टी, टमाटर आदि की पैदावार होने से बच्चों को भी पौष्टिक सब्जियां उपलब्ध हो रही हैं।
