रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर (Raipur) में पीलिया (Jaundice) के मरीजों की संख्या लगातार पढ़ रही है. रायपुर नगर निगम (Raipur Nagar Nigam) की टीम शहर के अलग-अलग इलाकों में जाकर पानी में क्लोरीन की मात्रा जांच रहे हैं. रायपुर में पीलिया पीड़ितों का आंकड़ा 674 पहुंच गया है. शहर के कई इलाकों में पीलिया के मरीज मिल रहे हैं. अब तक दूषित पानी की सप्लाई पीलिया फैलने की मुख्य वजह मानी जा रही. लेकिन अब शहर के एक या दो जगहों पर नहीं बल्कि कई इलाकों में मिल रहे हैं. अब तक पीलिया फैलने की मुख्य वजह का पता नहीं चल पाया है.
इसी बीच निगम आयुक्त सौरभ कुमार द्वारा शहर भर में पानी के सैंपल लेने और क्लोरीन की मात्रा जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. इस साल पीलिया के सबसे ज्यादा मरीज आमापारा, मंगल बाजार, स्वीपर कॉलोनी, राजा तालाब, चंगोराभाठा, मठपुरैना, मोवा, दलदल सिवनी और सड्डू इलाके में मिल रहे हैं. इसके अलावा शहर के अन्य जगहों से भी मरीज, डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं. इन सभी इलाकों के अलावा जहां भी पीलिया के संभावित मरीज मिले हैं, वहां नगर निगम की टीम घर-घर जाकर नगर निगम के नल से आने वाले पानी के सैंपल लेकर उस में क्लोरीन की मात्रा की जांच कर रहे हैं.
बदली जा रही पाइपलाइन
निगम ने पिछले 28 दिनों में शहर की 35 हजार मीटर से ज्यादा पाइपलाइन बदल दी है. 10 हजार से अधिक नलों को लीकेज या नाली के पास से हटाकर नए कनेक्शन दिए गए हैं. इसके अलावा नई पाइपलाइन बिछाने का काम भी जारी है. महापौर एजाज ढेबर ने बताया कि फिल्टर प्लांट की खामियों को भी दूर किया है जिसमें प्लांट के 16 फिल्टर बेड बदले गए है.मेयर का कहना है कि साथ ही पानी को साफ करने के लिए उपयोग में आने वाली विशेष रेत जो कि फिल्टर प्लांट में कीचड़ बन चुकी थी, जिसमें कीड़े पनप रहे थे और वही नलों से घरों तक पहुंच रहे थे. महापौर एजाज ढेबर के निर्देश के बाद पूरी तरह से उसे साफ किया गया है. नागपुर के भंडारा से विशेष रेत को मंगाकर फिल्टर प्लांट में रेत बदला गया है. मेयर का कहना है कि जल्द ही अब कुछ दिनों में पीलिया पर पूरी तरह काबू पा लिया जाएगा.
