कोटा से लौटे 2252 बच्चों का COVID-19 टेस्ट नेगेटिव, 14 दिनों तक रहना होगा क्वारंटाइन

रायपुर. कोविड-19 (COVID-19) को लेकर देश और दुनिया चिंतित है. पूरी कोशिश की जा रही है कि मरीजों की संख्या कम हो और लोगों की जान बचाई जा सके. ऐसे माहौल में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में कोविड-19 (Coronavirus) को लेकर बेहद ही सुखद और अच्छी खबर आई. राजस्थान के कोटा से लौटे सारे बच्चों का कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव (Report Negative) आया है. बता दें कि न केवल रायपुर (Raipur) बल्कि प्रदेश के पांचों संभागों से लौटे 2250 से अधिक बच्चों का टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव रहा है. इससे ना केवल बच्चे, इनके पेरेंट्स के चेहरे पर भी खुशी का भाव देखा जा रहा है. बल्कि व्यवस्था में जुटे शासन-प्रशासन के लोगों ने भी राहत की सांस ली है.
पूरा करना होगा क्वारंटीन अवधि

राजस्थान के कोटा से लौटे सभी बच्चों का test report भले ही नेगेटिव आया हो मगर इन्हें अब भी 14 दिनों का क्वारंटाइन अवधि पूरा करना ही होगा. दरअसल, राज्य सरकार ने बच्चों के लौटने के पूर्व ही दिशा निर्देश जारी कर सभी के लौटते ही क्वारंटाइन करने को कहा था. सरकार के निर्देश पर अमल करते हुए प्रशासन ने सभी बच्चों को अलग-अलग जिलों में क्वारंटाइन किया जहां इनकी जांच भी की गई. सभी की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है.

कोविड-19 महामारी के फैलते ही केंद्र सरकार की गाइडलाइन पर प्रभावित क्षेत्रों को कलर जोन के साथ ही हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हांकित किया गया. राजस्थान के जिस कोटा क्षेत्र से ये तमाम बच्चे लौटे थे वह ना केवल रेड जोन बल्कि हॉटस्पॉट के रूप में भी चिन्हांकित हो चुका था. ऐसे में कोटा से लौटे सभी बच्चों को लेकर खासा सतर्कता बरती जा रही थी. यही प्रमुख वजह है कि हॉटस्पॉट से लौटने के बाद सभी की जांच की गई. जांच रिपोर्ट आने के बाद अब सभी ने राहत की सांस ली है.
कोरोना महामारी से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित कोरोना सेल के मीडिया प्रभारी और स्वास्थ्य विभाग के उप संचालक डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने इस बात की पुष्टि की है कि कोटा  लौटे सभी 2252 बच्चों का कोरोना टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव रहा है. डॉ. त्रिपाठी ने यह भी कहा कि सभी बच्चों को हॉटस्पॉट से वापस लाने के बाद उनकी प्रॉपर मॉनिटरिंग करना, सभी का सावधानी पूर्वक जांच करना अत्यधिक सतर्कता बरतना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था. लेकिन राज्य सरकार के दिशा-निर्देश और मॉनिंटरिंग की वजह से तमाम चुनौतियों को पार किया गया. इस पूरे प्रोसेस में विशेष सावधानी रखी गई. सतर्कता बरती गई जिसका परिणाम यह रहा कि ना केवल 2252 बच्चे और उनके परिजन बल्कि उनसे जुड़े तमाम लोगों ने राहत की सांस ली है.

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