राजनांदगांव : हाथों में सामान लिए निकल पड़े हैं श्रमिक, घर वापसी के लिए : मुख्यमंत्री के आह्वान पर अन्य राज्यों में फंसे श्रमिक छत्तीसगढ़ आने लगे

कलेक्टर श्री जय प्रकाश मौर्य निरंतर कर रहे हैं रैन बसेरा का निरीक्षण
लॉकडाउन में दूर का सफर तय कर आने वाले श्रमिकों के लिए राहत भरे छांव की तरह है रैन बसेरा आश्रय स्थल
हमर अपन गाँव जाये के अब्बड़ खुशी लगथे- गोवर्धन

राजनांदगांव 07 मई 2020

हाथों में सामान लिए निकल पड़े हैं श्रमिक, घर वापसी के लिए। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के आह्वान पर अन्य राज्यों एवं दूर-दराज क्षेत्रों में फंसे श्रमिक आने लगे। कोविड-19 के कारण हुए लॉकडाउन के कारण श्रमिक अन्य राज्यों में फंसे हुए थे। राजनांदगाँव जिला बागनदी बॉर्डर से लगा हुआ हैए राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 6 आवागमन की दृष्टि  से काफी महत्वपूर्ण है। जिले में महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, राजस्थान एवं अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के मजदूरों के साथ ही अन्य राज्य के मजदूर भी अपने राज्यों को जाने के लिए निरंतर आने लगे। उनका आश्रय स्थल बना रैन बसेरा।
कलेक्टर श्री जयप्रकाश मौर्य लगातार रैन बसेरा जाकर निरीक्षण कर रहे हैं और सुरक्षा के दृष्टिकोण से इस अतिसंवेदनशील क्षेत्र को निरंतर सेनेटाइज करने के लिए निर्देश दे रहे हैं। कलेक्टर श्री जयप्रकाश मौर्य एवं उनकी टीम चौकस है। देर रात तक श्रमिकों की आवाजाही बनी हुई है। रैन बसेरा में आते ही श्रमिकों के लिए पानी और नाश्ते की व्यवस्था की गई है। उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जा रहा है। यहाँ ड्यूटी पर तैनात प्रतिबद्ध टीम 24 3 7 अपनी सेवायें दे रहे हैं। दूर का सफर तय कर आने वाले राज्य के श्रमिकों एवं अन्य राज्यों के श्रमिकों के लिए अभी रैन बसेरा राहत भरे छांव की तरह है।
हैदराबाद से आये श्रमिक श्री गोवर्धन एवं उनकी पत्नी संतोषी की बातों से खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि हमर अपन गाँव जाये के अब्बड़ खुशी लगथे। उहाँ के सरकार भी मदद करत रहिस, लेकिन हमन उहाँ बइठे बइठे अकबका गे रहेन। अब जाके बने लागिस। इंहा बढिय़ा खाये बर नाश्ता अउ खाना मिल गिस। काली हमन अपन गाँव विचारपुर चल देबो, मुंगेली जिला पड़थे। हैदराबाद से आये श्रमिक श्री देवराज कोशले ने कहा कि अब जब वापस छत्तीसगढ़ आ गए हैं, तब जान में जान आई है। यहाँ आने को लेकर दिल में बहुत खुशी है। जैसे ही जानकारी मिली कि लॉकडाउन में वापस घर जा सकते हैं, अपनी पत्नी श्रीमती दृष्टि कोशले एवं अपनी नन्हीं बच्ची नीतू कोशले को लेकर निकल पड़े। उन्होंने कहा कि यहाँ रैन बसेरा में अच्छा भोजन एवं नाश्ता मिल रहा है। अब वे यहाँ कुछ समय रूककर अपने ग्राम बेड़ापारा जिला मुंगेली चले जायेंगे। हैदराबाद से आये तीरथराम ने कहा कि रोजी मजूरी बर गए रहेन, अब वापस आ गेन तो बने लगथे। अब हमन अपन गाँव मोंगरा, विकासखंड खैरागढ़ चल देबो। उनके साथ उनकी पत्नी श्रीमती संतोषी और बेटा शिव थे। हैदराबाद से योगेश्वरी यादव अपने पति एवं नन्ही बच्ची पूर्वी यादव के साथ आ रही थी। उन्होंने बताया कि वे कुछ समय रैन बसेरा में रूककर अपने गाँव तुलसीपुर, जिला खैरागढ़ चले जायेंगे। कलेक्टर श्री मौर्य के साथ निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री मिथलेश चौधरी, एसडीएम श्री मुकेश रावटे, ईडीएम श्री सौरभ मिश्रा सहित अन्य अधिकारी एवं टीम के अन्य सदस्य मौजूद थे।

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