कवर्धा. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कवर्धा (Kawardha) जिले में बीती रात आंधी-तूफान (Storm) ने जमकर तांड़व मचाया. तूफान से कई घरों के छप्पर उड़ गए. हवा का असर इतना था कि खपरैल तक को उड़ा ले गया. पूरी रात भर तेज हवा, बारिश (Rain) और बिजली की गरज चमक ने लोगों को सहमा दिया था. घरों के खपरैल उड़े तो लोग घर से बाहर आ गए. डर में कोई रात में नहीं सो सका. ग्रामीणों ने रातभर रतजगा किया. अलाव जलाकर ग्रामीण एक जगह एकत्रित नजर आए.
आंधी-तूफान का ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्र में देखने को मिला. खासकर वनांचल में महिडबरा सहित आधा दर्जन गांव इससे प्रभावित हुए हैं. कई जगहों पर पेड़ गिर गए और बिजली आपूर्ति ठप हो गई. कई जगह बिजली के खंभे टूट गए हैंबे मौसम बारिश आधी-तूफान से सब्जी की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है. टमाटर बेसमय ही झड़ गए हैं जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है. इस साल मौसम ने किसानों की कमर ही तोड़ दी है. हर फसल को असमय बारिश ने नुकसान पहुंचाया है.
ग्रामीणों के आशियानें बर्बाद
ग्रामीणों ने बताया कि मौसम तो शाम से ही खराब होना शुरू हो गया था. मौसम रात करीब 10 बजे ज्यादा बिगड़ा और अचानक तेज हवाएं चलने लगी. धूल और अंधड़ के साथ बारिश होने लगी. धीरे-धीरे तेज हवा तूफान के रूप में बदल गई. जो भी चीज खुले में मिली उसे उड़ा ले गई. कई मकानों के छप्पर उड़ा ले गई. लोग रात में डरकर घर से बाहर निकल गए. कुछ लोगों ने तो पड़ोसियों के घर सहारा लिया.
पंडरिया ब्लॉक के वनांचल ग्राम में तूफान का ज्यादा असर देखने को मिला है. क्षेत्र के महिडबरा, कुसियारी सहित कई गांव इससे प्रभावित हुए हैं. 50 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है. बिजली आपूर्ति बुधवार रात से ही बाधित है जिस पर सुधार कार्य चल रहा है. कई लोगों के घरों में पेड़ गिरे हैं, जिसे हटाया जा रहा है. रात को तबाही का मंजर याद कर ग्रामीण सिहर उठते हैं.
पंडरिया एसडीएम प्रकाश टंडन ने बताया कि बीती रात ग्रामीण क्षेत्र में अंधी तूफानसे कुछ घरों को नुकसान पहुंचने की जानकारी मिली है. पटवारियों को मौके पर भेजा गया है,आंकलन कराया जा रहा है. शासन के नियम के मुताबिक प्रभावितों की मदद की जाएगी. बिजली व्यवस्था जल्द से जल्द दुरुस्त कराने का प्रयास किया जा रहा है.
