जंगल में प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को खांट पर लादकर पहुंचाया अस्पताल

कोरबा: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में लॉक डाउन (Lockdown) और कोरोना (Corona) कॉल में कोरबा (Korba) के वनांचल क्षेत्र  लेमरू  में पुलिस (Police) का एक मानवीय चेहरा नजर आया है. पुलिस के जवानों ने एक गर्भवती महिला को कांवर और खाट से नदी पार कराने के साथ किसी तरह उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. अस्पताल के गेट पर ही महिला का प्रसव हो गया. जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं. लेमरू थाना क्षेत्र के पुटकापहाड स्थित छाताबाहर गांव  की रहने वाली 20 वर्षीय सुनीता बाई को प्रसव पीड़ा होने पर उसके परिजनों ने डायल 112  को सूचना दी थी.

सूचना मिलने पर क्यूआरवी टीम के साथ पुलिसकर्मी चंद्रप्रकाश रात्रे और संदीप रात्रे मौके के लिए रवाना हुए. पगडंडी होने की वजह से नदी से पहले गाड़ी रोकनी पड़ी. यहां से दोनों पुलिसकर्मी पथरीले रास्ते से गांव पहुंचे. महिला के परिजनों के साथ गर्भवती को पहले कांवर में बैठा घर से लेकर निकले. फिर रास्ते में खाट से उठा कर गाड़ी तक लाए. किसी तरह परसाभाटा उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, उप स्वास्थ्य केंद्र में उतारते ही महिला को प्रसव हो गया, उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है. उप स्वास्थ्य केंद्र  में ड्यूटी कर रही महिला के परिजन, एएनएम के परिजनों ने डायल 112 की टीम को धन्यवाद दिया. कोरबा में इससे पहले भी पुलिस जवान इस तरह के जज्बे दिखा चुके हैं.

कोरबा एसपी ने दिया इनाम

कोरबा पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा ने ड्यूटी के दौरान उत्कृष्ट कार्य कुशलता का प्रदर्शन करते हुए लगन व मेहनत से कार्य करने वाले आरक्षक व चालक को नगद इनाम से पुरस्कृत किया है. आरक्षक चंद्रप्रकाश रात्रे को 500 रुपये एवं ईआरव्ही वाहन चालक संदीप रात्रे को 200 रुपये इनाम से पुरस्कृत कर आवश्यक कार्यवाही के लिए एसपी ने संबंधितों को निर्देशित कर दिया है. सोशल मीडिया पर भी पुलिस आरक्षकों के इस जज्बे की खूब वाहवाही हो रही है.

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