छत्तीसगढ़ में दूसरे प्रदेशों से अब तक 75 हजार मजदूर वापस आ चुके हैं। इन मजदूरों में 16 हजार मजदूर रेल मार्ग से और बाकी बचे 59 हजार मजदूर सड़क मार्ग से छत्तीसगढ़ लौटे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार ने व्यवस्था की है कि दो राज्यों की सहमति के बाद ही ट्रेनें चलेगी, इसलिए देरी हो रही है।
उन्होंने तीखा वार करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों की वजह से मजदूर पैदल चलने को बाध्य हुए हैं। अगर केंद्र ने सही निर्णय लिया होता तो आज सैंकड़ों मजदूरों की मौत नहीं होती। राहुल गांधी के प्रवासी मजदूरों से बातचीत पर निर्मला सीतारमण के आये बयान पर वार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के रास्ते अधिकांश मजदूर बिहार, उड़ीसा, यूपी जा रही है, वो किराये के ट्रक से घर लौट रहे हैं। ये वो राज्य हैं, जहां भाजपा की सरकार है, अपने राज्यों में भी केंद्र सरकार ट्रेनों को नहीं चला पायी है। भूपेश बघेल ने कहा कि
“आप पूरे मामले में केंद्र सिर्फ ठीकरा दूसरे के सर पर फोड़ने का काम कर रही है…आपको शर्म आनी चाहिये, आपने लोगों की जिंदगी को नरक बना दिया है, इसे आपको स्वीकार करना होगा, जब आप ताली और थाली बजाने में देश में एकजुटता का दावा करते हैं, तो लाखों मजदूर जो सड़क पर चल रहे हैं, उसकी भी जिम्मेदारी आपको लेनी होगी”
