दुर्ग. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दुर्ग (Durg) जिले में एक युवक की लाश नेशनल हाईवे के किनारे पुलिस (Police) ने बरामद की थी. जांच में पता चला कि मृतक झारखंड का रहने वाला विनोद अब्राहम है. वो मुंबई में मजदूरी करता था. लॉकडाउन के बीच अपने साथियों के साथ वहां से झारखंड जाने लिए निकला. रास्ते में वे ट्रक में सवार हो गया. इस बीच अचानक उसकी तबीयत खराब होने लगी. दुर्ग के अंजोरा बायपास के पास उसकी मौत हो गई. मौत के बाद उसके साथियों को लगा कि ये कोरोना वायरस से पीड़ित था. इसी भय में एक दोस्त ने उसके शव को रास्ते में ही फेंक दिया.
दुर्ग पुलिस के मुताबिक शव को बरामद करने के बाद उसकी जांच कराई गई. युवक का कोरोना टेस्ट निगेटिव आया. इसके बाद बीते सोमवार को दुर्ग पुलिस ने ही स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर शव का अंतिम संस्कार किया. क्योंकि मृतक के परिजन कोरोना की दहशत के कारण शव लेने आने के लिए तैयार नहीं थे. आर्थिक रूप से कमजोर मृतक के परिवार वालों को दुर्ग पुलिस ने मदद का आश्वासन भी दिया है. पुलिस को जांच में पता चला कि मृतक के दोस्त निर्मल ने कोरोना दहशत के कारण उसके शव को रास्ते में फेंका था.
वीडियो कॉल से परिजनों ने देखा अंतिम संस्कार
दुर्ग एसपी अजय यादव ने मामले में मीडिया को जानकारी दी. एसपी यादव ने बताया कि रेंज के सीएसपी विवेक शुक्ला और थाना प्रभारी राजेश बांगड़ को अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. पुलिस ने मृतक के परिजनों से संपर्क किया, लेकिन कोई भी आने के लिए तैयार नहीं था. इसके बाद उनकी सहमति से मृतक का अंतिम संस्कार दुर्ग में ही कर दिया गया. पुलिस ने मृतक के एक अन्य दोस्त के मोबाइल नंबर पर वीडियो कॉल कर उसके परिजनों को अंतिम संस्कार की रस्में लाइव दिखाई. परिवार वालों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है. इसलिए पुलिस ने उन्हें मदद करने का आश्वासन भी दिया है.
