ये स्टडी यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग के डिपार्टमेंट ऑफ माइक्रोबायोलॉजी की ओर से रविवार को प्रकाशित हुई है. डिपार्टमेंट ऑफ माइक्रोबायोलॉजी की एक टीम ने स्टडी में पाया है कि सर्जिकल मास्क का इस्तेमाल करने पर कोरोना वायरस के संचरण दर सांस या वायुजनित कणों के माध्यम से 75% तक गिर गई. जिन लोगों ने सार्वजनिक स्थान पर मास्क का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया, उनके संक्रमित होने की संभावना कम रही.
लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्टडी की समीक्षा के लिए इसे क्लिनिकल इंफेक्शन डिजीस मेडिकल जनरल में भी पब्लिश किया जाएगा.
ब्रिटेन के एक्सपर्ट ने बताया है कि अस्थमा और लंग्स की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए मास्क पहनना खतरनाक हो सकता है. ऐसे लोगों को मास्क पहनने की वजह से सांस लेने में तकलीफ हो सकती है.
पिछले हफ्ते ही ब्रिटेन की सरकार ने लोगों सो अपील की थी कि वे लोग मास्क लगाएं. जहां भी 2 मीटर की दूरी वाले सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना संभव नहीं है, वहां मास्क लगाने को अनिवार्य कर दिया गया है. लेकिन अब एक्सपर्ट की राय में अस्थमा और लंग्स की बीमारी वाले मरीजों के लिए ये नियम खतरनाक साबित हो सकता है.
