जगदलपुर: बेटियों ने निभाया बेटे का फर्ज, मां की अर्थी को दिया कांधा, किया अंतिम संस्कार

जगदलपुर. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (Beti Bachao Beti Padhao) का संदेश देने वाले समाज में आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं. आजकल बेटियां सभी वो फर्ज निभा रही हैं जो एक बेटा पूरा करता रहा है. ऐसा ही एक मामला जगदलपुर के गंगानगर क्षेत्र का है जहां बेटियों ने अपनी मां के देहांत (Death) पर शवयात्रा को ना केवल कांधा दिया बल्कि उन्हें मुखाग्नि देकर बेटे का फर्ज निभाया और समाज में फैली कुरूतियों से लड़ने का अच्छा संदेश दिया.

मामला है जगदलपुर के गंगानगर वार्ड का जहां लंबी बीमारी के बाद एक 58 साल की महिला की मौत हो गई. लॉकडाउन की बंदिशों के चलते पूरा परिवार नहीं आ सका. ऐसे में दोनों बेटियों ने मां को शमशान तक कांधा दिया और बड़ी बेटी ने मां को मुखाग्नि दी.

लोगों को लगा कोरोना से हुई है मौत

मृतका उंगों बाई के पति गणेश की मौत एक महीने पहले हो चुकी है. उंगों बाई भी काफी पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रही थी और शनिवार को उन्होंने भी दम तोड़ दिया. उधर मौत की खबर सुनने के बाद मोहल्ले वाले भी इसलिए घर से नहीं निकल रहे थे कि कहीं कोरोना से जुड़ा हुआ मामला तो नहीं है. ऐसे में बेटियों ने इस दुखद घटना की जानकारी वार्ड के पाषर्द विक्रम डांगी को दी. परिवार को आथिर्क मदद अंतिम संस्कार के लिए उपलब्ध कराई गयी. चूंकि दो बेटी आशा और रानू के अलावा परिवार में कोई नहीं था इस वजह से बडी बेटी रानू ने मां को कांधा देने का फैसला लिया.

बेटियों ने ही सजाई अर्थी

दोनों बेटियों को जो मदद पाषर्द और महापौर की ओर उसे मिली थी उस राशि से अंतिम संस्कार का सामान लाकर दोनों बेटियों ने मां की अर्थी सजाई. चूंकि मोहल्ले के लोग आगे नहीं आ रहे थे ऐसे में दोनों बेटियों ने मां की अर्थी को कांधा देने के लिए अर्थी उठाई. बेटियों को कांधा देते देख कुछ लोगों का दिल पसीजा और फिर मोहल्ले के कुछ लोग कांधा देने के लिए आगे आए. दोनों बेटियों ने पनारपारा शमशान घाट तक मां की अर्थी को पहुंचाया और बडी बेटी रानू ने रोते बिलखते मां की चिता को मुखाग्नि दी. इस दौरान मोहल्ले के लोगों के साथ ही जितने लोग शमशान घाट में मौजूद थे बेटियों को रोता देख हर किसी की आंखे उस दौरान नम थीं.

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