वाशिंगटन. भारत (India) भी दुनिया भर में कोरोना वायरस (Coronavirus) के हॉटस्पॉट में से एक बन गया है और यहां संक्रमण के मामले 1,38,500 से भी ज्यादा हो चुके हैं. भारत में संक्रमण (Covid-19) से 4,024 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और भारत अब केसों के मामले में ईरान (Iran) को पीछे कर टॉप-10 देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है. हालांकि अब यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशिगन (University of Michigan) और जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी (Johns Hopkins University) ने कोरोना मॉडल के जरिए चेतावनी दी है कि भारत में जुलाई के पहले हफ्ते तक 21 लाख लोग संक्रमण के शिकार हो सकते हैं.
यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशिगन में बॉयोस्टैटिस्टिक्स और महामारी रोग विशेषज्ञ प्रोफ़ेसर भ्रमर मुखर्जी ने तैयार किए गए एक मॉडल के जरिए जानकारी दी है कि यहां स्थिति और गंभीर हो सकती है. प्रोफ़ेसर भ्रमर मुखर्जी का कहना है कि भारत में संक्रमण के मामलों का बढ़ना अभी कम नहीं हुआ है, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ही भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले हर 13 दिन में डबल हो रहे हैं. ऐसे में सरकार का लॉकडाउन से जुड़ी पाबंदियों में ढील देना मुश्किलें बढ़ा सकता है.
भ्रमर मुखर्जी ने ही कहा था- मई में हो जाएंगे 1 लाख केस
इससे पहले प्रोफ़ेसर मुखर्जी की टीम ने ही अप्रैल में सबसे पहले बताया था कि मध्य मई तक भारत में संक्रमितों की संख्या 1 लाख से ज्यादा हो जाएगी. अब मुखर्जी की टीम का अनुमान है कि भारत में जुलाई की शुरुआत तक 6,30,000 से 21 लाख लोग इस वायरस से संक्रमित हो सकते हैं.
भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने संक्रमण में वृद्धि से जुड़े इन अनुमानों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. बता दें कि देश भर में संक्रमण के कुल मामलों का पांचवां हिस्सा अकेले मुंबई शहर में है.
जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी और मुखर्जी की टीम ने भारत में मौजूद स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पतालों में बेड और वेंटिलेटर्स की कमी पर भी चिंता जाहिर की है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ भारत में इस समय तकरीबन 714,000 हॉस्पिटल बेड्स हैं जबकि साल 2009 में ये संख्या लगभग 540,000 थी. संक्रमण के मामलों की संख्या के लिहाज से फिलहाल टॉप-10 की लिस्ट में सबसे ऊपर अमेरिका है, फिर ब्राज़ील, रूस, ब्रिटेन, स्पेन, इटली, फ्रांस, जर्मनी और तुर्की के नाम हैं.
