मोदी सरकार के 10 बड़े फैसले, सभी वर्गों के लिए साबित होंगे वरदान

नई दिल्ली। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में आज यानी 1 जून सोमवार को कई अहम फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट बैठक में आज किसानों, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और रेहड़ी-पटरी पर दुकान लगाने वालों के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। इस बैठक के खत्म होने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, नितिन गडकरी और नरेंद्र सिंह तोमर ने कैबिनेट में लिये गये फैसले के बारे में जानकारी दी है। चलिए बताते हैं कि आज की इस कैबिनेट बैठक में लिए गए 10 बड़े फैसलों के बारे में।

0 बड़े फैसले

(1) केबिनेट बैठक में आज रेहड़ी लगाने वालों के लिए भी क्रेडिट योजना को मंजूरी दी गई है। केंद्र सरकार ने इस योजना को ‘प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि’ योजना नाम दिया है।

(2) कैबिनेट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग की परिभाषा (एमएसएमई की परिभाषा) बदलने पर मुहर लगा दी गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत योजना के जरिए आर्थिक पैकेज में इसका ऐलान किया था

(3) सन् 2006 के एमएसएमई एक्ट को 14 साल बाद संशोधित किया गया है। इससे लगभग 2 लाख कंपनियों को फायदा होगा।

(4) केंद्र सरकार ने एमएसएमई के लिए इक्विटी स्कीम को भी कैबिनेट बैठक की मंजूरी मिल गई है। इस मुश्किल में फंसी एमएसएमई को 20,000 करोड़ रुपए के पैकेज को मंजूर किया गया है। इसके बाद से ही एमएसएमई कंपनियां लिस्ट हो सकती है।

कंपनियां बाजार में लिस्ट होकर पैसा जुटा सकती

(5) साथ ही, एमएसएमई के लिए कैबिनेट बैठक में 50,000 करोड़ रुपए के इक्विटी निवेश का ऐलान किया गया है। इसमें ये कंपनियां बाजार में लिस्ट होकर पैसा जुटा सकती हैं।

(6) बैठक में शहरी आवास मंत्रालय ने विशेष सूक्ष्म ऋण योजना शुरू की है। इसके तहत छोटे दुकाने चलाने वाले या रेहड़ी पटरी पर दुकान लगाने वाले लोन ले सकते हैं। यह स्कीम लंबे समय तक चलेगी।

(7) इसे एक साल के अंदर मासिक किस्त में लौटा सकते हैं। समय पर पैसा लौटाने वालों को 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी के तौर पर खाते में जमा कर दिया जाएगा। इसमें किसी तरह की पेनाल्टी का प्रावधान नहीं है।

न्यूनतम समर्थन मूल्य

(8) कैबिनेट बैठक में 14 फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को मंजूरी दी है। किसानों को मूल्य की तुलना में 50-83 प्रतिशत तक ज्यादा मिल सकेगा।

(9) वहीं नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि आज तक गेहूं की खरीद 360 लाख मीट्रिक टन हो चुकी है। बीते साल तक 342 लाख मीट्रिक टन थी।

(10) इसके साथ ही धान की खरीद इस साल अब तक 95 लाख मीट्रिक टन हो चुकी है। बीते साल यह 90 लाख मीट्रिक टन थी। दलहन और तिलहन की खरीद इस साल अब तक 16.07 लाख मीट्रिक टन हो चुकी है जो बीते साल 15 लाख मीट्रिक टन थी।

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