गोवा. देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले 2 लाख पार कर चुके है. इस बीच lockdown की वजह से दूसरे देशों में फंसे लोगों को वापस लाने का सिलसिला जारी है. वंदे भारत मिशन के तहत दुबई से मंगलवार रात गोवा लौटे स्पेशल फ्लाइट के पैसेंजर्स ने टर्मिनल पर हंगामा किया. इनमें से कुछ लोगों ने जाने से इनकार कर दिया. कुछ यात्री तो अपने घर जाने को लेकर रोने भी लगे.
यात्रियों का कहना था कि वह पैसे देकर 14 दिन के लिए क्वॉरंटाइन सेंटर नहीं जाएंगे. उन्हें उनके घर भेज दिया गया. वे अगले 14 दिन तक होम क्वॉरंटाइन रहेंगे. इस फ्लाइट में 155 भारतीयों को स्वदेश लाया गया. इससे हवाई अड्डे पर हंगामे जैसी स्थिति बन गई. इनमें से कुछ यात्री गोवा के थे, तो कुछ महाराष्ट्र और कर्नाटक के रहने वाले थे.
गोवा की स्वास्थ्य सचिव नीला मोहनन ने इस संबंध में न्यूज़ एजेंसी ANI को जानकारी देते हुए कहा कि जब ये यात्री डाबोलिम एयरपोर्ट पहुंचे, तो उन्होंने तुरंत चीखना और रोना शुरू कर दिया. लोगों का कहना था कि क्वॉरंटाइन सेंटर में वो पैसे देकर नहीं रहना चाहते, इसके बजाय उन्हें घर पर ही क्वॉरंटाइन होने दिया जाए. लोगों के हंगामे से एयरपोर्ट पर काफी देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही.
गोवा की स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि वंदे भारत मिशन के तहत गोवा पहुंची ये पहली फ्लाइट थी. लोगों ने बोर्डिंग से पहले एफिडेविट पर बाकायदा साइन किए थे कि गोवा लौटने पर उन्हें अपने खर्चे पर 14 दिन के लिए क्वॉरंटाइन होना पड़ेगा. हालांकि, भारत लौटते ही वे लोग हंगामा करने लगे.
नीला मोहनन के मुताबिक, लोगों का यह व्यवहार गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के दिशा-निर्देशों और आपदा प्रबंधन अधिनियम की कई धाराओं का उल्लंघन करने वाला है. सरकार इसे लेकर गंभीर है. हालांकि, बाद में सभी लोग क्वॉरंटाइन सेंटर जाने को तैयार हो गए. अलग-अलग बसों से उन्हें क्वॉरंटाइन सेंटर भेज दिया गया है.
