हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। पूरी दुनिया में इस दिन लोगों को प्रकृति और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए जागरूक किया जाता है। जिससे कि इंसान के साथ ही पृथ्वी पर सभी जीव-जन्तु और पेड़-पौधे भी जिंदा रह सकें। दुनियाभर में होने वाले तमाम तरह के आयोजनों के जरिए भले ही पर्यावरण के प्रति जागरुक किया जाता हो लेकिन कोरोना वायरस के कहर के बाद देशों में लगे लॉकडाउन ने जहां बहुत सारी इंसानी गतिविधियों को रोक दिया तो प्रकृति ने खुद को एक बार फिर से संवार लिया है। कोरोना वायरस का कहर एक तरह से इंसान के लिए चेतावनी है कि यदि उनसे अपनी गतिविधियों के जरिए पर्यावरण को सुधारने का प्रयास नहीं किया तो वो प्रकृति अपने रास्ते खुद बना लेगी। इसलिए हर इंसान को अपनी तरफ से पर्यावरण को बचाने के लिए कोशिश करनी चाहिए। भले ही ये कोशिश छोटी हो लेकिन होनी चाहिए। क्योंकि कहा गया है ‘बूंद-बूंद से घड़ा भरता है।’ हर इंसान की छोटी कोशिश ही एक दिन बड़ा रूप लेगी। तो आइए जानें वो कौन से काम है जिन्हें कर आप भी पर्यावरण को बचाने में सहयोग कर सकते हैं।
पानी का बचाव
हवा और पानी जीवन के दो जरूरी तत्व हैं। जिनके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसलिए पानी को बर्बाद होने से बचाइए। घर में किए जाने वाले कामों से ही आप पानी की बर्बादी की रोक सकते हैं। नहाते समय, कपड़ा धोते समय और साफ-सफाई के समय आप पानी को कम इस्तेमाल कर इस काम में सहयोग दे सकते हैं।
ऐसे रोजाना के बहुत से काम है जिनमें आप पानी की बेवजह बर्बादी को रोक सकते हैं। जैसे दांत साफ करते समय या शेविंग के समय बहुत लोग सिंक का नल खुला रखते हैं। जिसकी वजह से बहुत सा पानी नालियों में जाकर खराब हो जाता है। घर में इस्तेमाल होने वाले पानी को रिसाइकल करें। घर में किसी भी तरह का पानी का लीकेज हो तो उसे फौरन ठीक करवाएं। हर छोटी चीज में पानी के इस्तेमाल को कम कर पानी की बर्बादी को रोका जा सकता है।
बिजली बनाने के लिए पानी का उपयोग किया जाता है। इसलिए पानी की बर्बादी को रोकने का एक तरीका बिजली की खपत को कम करना भी है। कमरे से निकलते समय लाइट, पंखा और एसी बंद कर दें। लैपटॉप और कंप्यूटर को टर्न ऑफ करके रखना चाहिए।
डिस्पोजल कप और गिलास का हो सके तो कम इस्तेमाल करें। ऑफिस में चाय या कॉफी पीने के लिए सिरेमिक कप का इस्तेमाल सबसे बढ़िया है।
पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने में गाड़ियों से निकलने वाले धुएं काफी हद तक जिम्मेदार हैं। इसलिए जहां तक हो सके तो कार और मोटरसाइकिल का इस्तेमाल कम करें। अगर पास में ही जाना है तो पैदल जाने का प्रयास करें। आप चाहे तो छोटे काम के लिए एक साइकिल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
सरकार के कहने से नहीं अपने विवेक से काम लीजिए और प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करिए। ऐसी चीजों का इस्तेमाल करें जो आसानी से रिसाइकल हो जाए।
हो सके तो कागज का इस्तेमाल कम करिए क्योंकि इन कागजों को बनाने के लिए भी पेड़ की जरूरत पड़ती है। इसलिए किसी भी चीज का पेपर बिल लेने से अच्छा है कि ऑनलाइन बिल मंगवाएं। प्रिंट करना ही है तो कागज के दोनों तरफ प्रिंट करें।
कंप्यूटर और लैपटॉप जैसे उपकरणों को खराब होने पर फेंके नहीं बल्कि रिसाइकलिंग के लिए दे दें। जिससे कि इन चीजों को फिर से इस्तेमाल में लिया जा सके।
