रायपुर. कोरोना संकट (Coronavirus) के बीच प्रवासी मजदूरों को राहत पहुंचाने छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. खाद्य विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS System) के तहत सामान्य एपीएल राशनकार्ड में बदलाव करने या राशनकार्ड (Ration Card) कैंसिल करने का कोई प्रस्ताव विभाग के पास नहीं है. एपीएल या किसी दूसरी योजना के नए राशन कार्ड के लिए पहले जैसे तय नियमों के मुताबिक फॉर्म भरा जा सकता है. जरूरी दस्तावेज जमा करेने पर राशनकार्ड जारी कर दिया जाएगा. सरकार का कहना है कि नए एपीएल कार्ड नियमित रूप से बनाए जा रहे हैं. फिलहाल, 9.19 लाख राशनकार्डधारी सामान्य परिवारों के 29.45 लाख सदस्यों को योजना का लाभ मिल रहा है.
सामान्य और APLराशनकार्डधारियों को हर महीन नियम के मुताबिक 10 रूपए प्रतिकिलो की दर पर चावल दिया जा रहा है. राज्य में एपीएल राशनकार्डधारियों को अक्टूबर 2019 का राशन दिया जा रहा है.सरकार के मुताबिक अप्रैल महीने में 7.45 लाख राशनकार्डधारियों ने 21,756 टन चावल का उठाव उचित मूल्य दुकानों से किया है. जून के लिए राशन का वितरण किया जा रहा है.
श्रमिकों के लिए बड़ा फैसला
लॉकडाउन की वजह से दूसरे राज्यों से chhattisarh आए श्रमिकों के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार के मुताबिक जिन श्रमिकों के पास राशन कार्ड नहीं है वे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से आवेदन दे सकेत हैं. प्रवासी मजदूर जिने पाास केन्द्र या राज्य सरकार की पीडीएस योजना के तहत राशनकार्ड नहीं है, उन्हें मई और जून में प्रति सदस्य 5 किलो चावल और प्रति परिवार एक किलो चना मुफ्त में देने का फैसला लिया गया है. अब प्रवासी व्यक्ति और मजदूरों को ट्रेस कर उनका पंजीयन किया जाएगा. फिर उन्हें उचित मूल्य दुकानों की जरिए राशन दी जाएगी. राशन लेने के लिए खाद्य विभाग की वेबसाइट https:khadya.cg.nic.in/citizen/citizenhome.aspx में रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है. सरकार का दावा है कि मजदूरों के लिए जल्द एक एप भी तैयार की जाएगी.
