गोबर को बना दीजिये राजकीय चिन्ह…अजय चंद्राकर ने किया ट्वीट….

जवाब में कांग्रेस बोली- “….अच्छा लाभ कमा सकते हैं भाजपाई…दिमाग में भरा गोबर बेचें और पैसा कमायें

रायपुर 26 जून 2020। छत्तीसगढ़ सरकार ने गोबर को आमदनी से जोड़ने का ऐलान क्या किया…भाजपा नेताओं को मिर्ची लग गयी। सोशल मीडिया में इस योजना के नाम पर पहले तो जमकर खिल्ली उड़ायी गयी…लेकिन हद तो तब हो गयी, जब पूर्व मंत्री व कुरूद विधायक अजय चंद्राकर ने गोबर पर छत्तीसगढ़ सरकार को नसीहत देते हुए गोबर को “राजकीय चिन्ह” घोषित करने का सुझाव दे दिया। अजय चंद्राकर ने ट्वीट कर कहा कि…

छत्तीसगढ़ के वर्तमान राजकीय चिन्ह को नरवा, गरवा, घुरवा, बारी की अपार सफलता और छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में “गोबर” के महत्व को देखते हुए इसे राजकीय प्रतीक चिन्ह बना देना चाहिए

अब टिप्पणी राजकीय चिन्ह बनाने की नसीहत के साथ हुई थी, तो कांग्रेस भी इस मुद्दे पर पलटवार से कहां चुकने वाली था। कांग्रेस ने तुरंत ट्वीट कर इसका जवाब दिया..कि भाजपा नेता अपने दिमाग में भरे गोबर का इस्तेमाल करके भी आमदनी कर सकते हैं। कांग्रेस ने ट्वीट में लिखा है…आपकी सोच को देखकर लगता है कि सरकार की इस योजना से भाजपा के नेताओं को काफ़ी लाभ मिल सकता है, उठाना भी चाहिए। दिमाग़ में भरे गोबर को बेचें, आर्थिक लाभ पाएँ। कुछ अच्छी चीजें भी दिमाग़ में घुसेंगी।

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INC Chhattisgarh
@INCChhattisgarh
यया सर्वमिदं व्याप्तं जगत् स्थावरजङ्गमम्। तां धेनुं शिरसा वन्दे भूतभव्यस्य मातरम्॥ आपकी सोच को देखकर लगता है कि सरकार की इस योजना से भाजपा के नेताओं को काफ़ी लाभ मिल सकता है, उठाना भी चाहिए। दिमाग़ में भरे गोबर को बेचें, आर्थिक लाभ पाएँ। कुछ अच्छी चीजें भी दिमाग़ में घुसेंगी।
Ajay Chandrakar
@Chandrakar_Ajay
छत्तीसगढ़ के वर्तमान राजकीय चिन्ह को नरवा, गरवा, घुरवा, बारी की अपार सफलता और छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में “गोबर” के महत्व को देखते हुए इसे राजकीय प्रतीक चिन्ह बना देना चाहिए

ट्विटर पर जिस तरह से आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चल रहा है, उसे देखकर लगता है कि आने वाले दिनों इसे लेकर बयानों की तल्खी भी बढ़ेगी। हालांकि ये पहला वाकया नहीं है जब राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरुवा, घुरवा, बारी योजना को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर टोंट कसा हो।

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