मन की बात में पीएम मोदी बोले- लॉकडाउन से ज्यादा सतर्कता हमें अनलॉक के दौरान बरतनी है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में चीन के साथ चल रहे विवाद और देश में कोरोना वायरस की स्थिति का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने मन की बात में कहा कि भारत ने जिस तरह मुश्किल समय में दुनिया की मदद की, उसने आज शांति और विकास में भारत की भूमिका को और मजबूत किया है।

दुनिया ने भारत की विश्व बंधुत्व की भावना को भी महसूस किया
पीएम कहा कि दुनिया ने भारत की विश्व बंधुत्व की भावना को भी महसूस किया है। लॉकडाउन से ज्यादा सतर्कता हमें अनलॉक के दौरान बरतनी है। इस बात को हमेशा याद रखिए कि अगर आप मास्क नहीं पहनते हैं, दो गज की दूरी का पालन नहीं करते हैं, या फिर, दूसरी जरूरी सावधानियां नहीं बरतते हैं तो, आप अपने साथ-साथ दूसरों को भी जोखिम में डाल रहे हैं।
कोरोना को हराना है और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है
पीएम मोदी ने आगे कहा कि कोरोना के संकट काल में देश लॉकडाउन से बाहर निकल आया है। अब हम अनलॉक के दौर में हैं। अनलॉक के इस समय में, दो बातों पर बहुत ध्यान केंद्रित करना है- कोरोना को हराना और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना, उसे ताकत देना।

वर्षों से खनन क्षेत्र लॉकडाउन में था उसे अनलॉक किया
पीएम ने कहा, अनलॉक के दौर में बहुत सी ऐसी चीजें भी अनलॉक हो रही हैं, जिनमें भारत दशकों से बंधा हुआ था। वर्षों से हमारा खनन क्षेत्र लॉकडाउन में था। वाणिज्यिक नीलामी को मंजूरी देने के एक निर्णय ने स्थिति को पूरी तरह से बदल दिया है। अपने कृषि क्षेत्र को देखें, तो, इस क्षेत्र में भी बहुत सारी चीजें दशकों से लॉकडाउन में फसी थीं।

कृषि क्षेत्र अब अनलॉक  है
पीएम मोदी ने कहा कि कृषि क्षेत्र को भी अब अनलॉक कर दिया गया है। इससे जहां एक तरफ किसानों को अपनी फसल कहीं पर भी, किसी को भी, बेचने की आजादी मिली है। वहीँ, दूसरी तरफ, उन्हें अधिक ऋण मिलना भी सुनिश्चित हुआ है, ऐसे, अनेक क्षेत्र हैं जहां हमारा देश इन सब संकटों के बीच, ऐतिहासिक निर्णय लेकर विकास के नए रास्ते खोल रहा है।

अरुणाचल प्रदेश के एक गांव की तारीफ की
प्रधानमंत्री ने कहा, अरुणाचल प्रदेश की एक ऐसी ही प्रेरक कहानी, मुझे मीडिया में पढ़ने को मिली। यहां सियांग जिले के मिरेम गांव ने वो अनोखा कार्य कर दिखाया, जो समूचे भारत के लिए एक मिसाल बन गया है। इस गांव के कई लोग बाहर रहकर नौकरी करते हैं। गांव वालों ने देखा कि कोरोना महामारी के समय ये सभी अपने गांव की ओर लौट रहे हैं। ऐसे में गांव वालों ने पहले से ही गांव के बाहर क्वारंटीन का इंतजाम करने का फैसला किया।

पीएम ने आगे कहा कि गांव वालों आपस में मिलकर गांव से कुछ ही दूरी पर 14 अस्थायी झोपड़ियां बना दीं और ये तय किया कि जब गांव वाले लौटकर आएंगे तो उन्हें इन्हीं झोपड़ियों में कुछ दिन क्वारंटीन में रखा जाएगा। उन झोपड़ियों में शौचालय, बिजली-पानी समेत दैनिक जरूरत की हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जाहिर है मिरेम गांव के लोगों के इस सामूहिक प्रयास और जागरुकता ने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया।

यूपी के बाराबंकी के लोगों की तारीफ की
पीएम मोदी ने कहा, यूपी के बाराबंकी में गांव लौटकर आए मजदूरों ने कल्याणी नदी का प्राकृतिक स्वरूप लौटाने के लिए काम शुरू कर दिया। नदी का उद्धार होता देख आस-पास के किसान और आस-पास के लोग भी उत्साहित हैं। गांव में आने के बाद क्वारंटीन केंद्र में रहते हुए, आइसोलेशन केंद्र में रहते हुए हमारे श्रमिक साथियों ने जिस तरह अपने कौशल्य का इस्तेमाल करते हुए अपने आस-पास की स्थितियों को बदला है वो अद्भुत है।

 

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