उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की जमानत को एक सप्ताह ही हुए थे कि अल्पसंख्यक सेल के प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज आलम को गिरफ्तार कर लिया गया है. शाहनवाज को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बीते साल 19 दिसंबर को सूबे की राजधानी लखनऊ में हुए उपद्रव के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया है. कांग्रेस ने इसे राजनीतिक गिरफ्तारी बताते हुए झूठे मुकदमें में फंसाने की साजिश बताया है.
शाहनवाज आलम की गिरफ्तारी पर पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर योगी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी जनता के मुद्दों पर आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध है. यूपी सरकार पुलिस के दमन पर अन्य पार्टियों की आवाज को तो दबा सकती है, लेकिन कांग्रेस की नहीं.
प्रियंका गांधी ने शाहनवाज आलम की गिरफ्तारी का सीसीटीवी फुटेज को ट्वीट करते हुए लिखा कि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता जनता के मुद्दों पर आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. भाजपा सरकार यूपी पुलिस को दमन का हथियार बनाकर दूसरी पार्टियों की आवाज उठाने से रोक सकती है, लेकिन हमारी पार्टी को नहीं. किस तरह यूपी पुलिस ने हमारे अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष को रात के अंधेरे में उठाया. पहले फर्जी आरोपों को लेकर हमारे प्रदेश अध्यक्ष को चार हफ्तों के लिए जेल में रखा. कांग्रेस के सिपाही पुलिस की लाठियों और फर्जी मुकदमों से नहीं डरने वाले नहीं हैं.
शाहनवाज आलम को सोमवार रात 8 बजे उनके निवास से गिरफ्तार किया गया. हज़रतगंज पुलिस ने 19 दिसंबर 2019 को लखनऊ में सीएए प्रोटेस्ट के दौरान हुई हिंसा के मामले में शाहनवाज को अरेस्ट किया है. लखनऊ सेंट्रल के डीसीपी दिनेश सिंह ने बताया कि शाहनवाज की भूमिका इस मामले में पहले ही सामने आई थी. सर्विलांस की मदद से पता चला कि हिंसक प्रदर्शन वाले दिन उनकी लोकेशन घटनास्थल पर ही थी. इस मामले में जब पुलिस ने काफी साक्ष्य जुटा लिए तब गिरफ्तारी की गई है.
